Uttarakhand : राज्य में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बदलते ही अब कैबिनेट विस्तार पर चर्चा शुरू, 3 पद हैं खाली।

प्रदेश में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बदलने के बाद अब प्रदेश मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अध्यक्ष पद से हटे वरिष्ठ नेता मदन कौशिक को लेकर सवाल तैर रहे हैं कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व उन्हें अब क्या जिम्मेदारी देने जा रहा है। वह धामी मंत्रिमंडल में मंत्री बनेंगे या उन्हें कोई और दायित्व मिलेगा?
धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों के तीन पद खाली हैं। प्रदेश में जब नई सरकार का गठन हुआ तब यही माना जा रहा था कि कौशिक को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी से मुक्त कर उन्हें सरकार में जगह दी जाएगी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने अनुभवी कौशिक को संगठन में बनाए रखा और नए चेहरों को कैबिनेट में जगह दी।
इसके बाद भाजपा के हलकों में चर्चाएं गरम हुई कि सितंबर महीने से भाजपा के सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, इसलिए तब तक कौशिक को नहीं हिलाया जाएगा। यह भी माना गया कि प्रदेश मंत्रिमंडल में भी फिलहाल विस्तार नहीं होगा। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने अचानक प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से कौशिक को उतारकर उनकी जगह महेंद्र भट्ट को बैठा दिया। इसे बदलाव के बाद अब प्रदेश मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाएं गरमा उठी हैं।

सियासी हलकों में यह सवाल भी तैर रहा है कि पार्टी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से विदा हुए अनुभवी मदन कौशिक का क्या उपयोग करेगी? क्या उनकी प्रदेश मंत्रिमंडल वापसी होगी? कौशिक पूर्व भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं और उनके पास शासकीय प्रवक्ता और संसदीय और विधायी कार्य का भी जिम्मा रहा। त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में वह सबसे ताकतवर मंत्रियों में रहे। 

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अब उन्हें मंत्री बनाए जाने की संभावना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस सवाल को कौशिक यह कहकर टाल गए कि यह विषय सरकार का है। सियासी जानकारों का मानना है कि कौशिक के प्रदेश अध्यक्ष पद से विदा होने के बाद हरिद्वार जिले का प्रतिनिधित्व संगठन में भी नहीं रहा है। पार्टी के सामने हरिद्वार जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की परीक्षा है।

ऐसे में संगठन और सरकार पर हरिद्वार जिले को महत्व दिए जाने का दबाव भी है। चर्चा यह भी है कि कौशिक को यदि मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली तो उन्हें केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती हैं। हालांकि यह संभावना पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लेकर भी जताई जा रही थी, लेकिन अभी तक उन्हें संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी नहीं दी गई है।

सियासी जानकारों के मुताबिक, अगले एक-दो हफ्तों में पार्टी कौशिक के राजनीतिक भविष्य के बारे में निर्णय ले सकती है। चर्चा यह भी है कि संगठन और सरकार में 15 अगस्त तक कुछ अहम फैसले हो सकते हैं। अटकलें दायित्व बांटने, संगठन में कुछ नए बदलाव और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तेज हैं। 

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