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प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, लेकिन बीते 13 वर्षों में प्रदेश में आठ बड़े हेलीकॉप्टर हादसे हुए हैं। इसमें 48 लोगों की मौत हुई है। वहीं, पांच से अधिक मामलों में हेलीकॉप्टरों की आपात लैंडिंग के बाद हादसा टला है।
केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिए हेली और चारधाम यात्रा के लिए चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवा संचालित है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तकनीकी खराबी या मौसम, हवा का दबाव हेलीकॉप्टर की उड़ान में एक बड़ी चुनौती रहती है।
बीते वर्ष उत्तरकाशी व केदारघाटी में दो हेलीकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की मौत हुई थी। जबकि तीन हेलीकॉप्टरों की आपात लैंडिंग की गई थी। वर्ष 2013 से लेकर अब तक में आठ बड़े हादसों में 48 की मौत हुई है।
25 जून 2013 में केदारनाथ आपदा के दौरान वायुसेना का हेलीकॉप्टर गुप्तकाशी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 20 लोगों की मौत हुई थी। 18 अक्तूबर 2022 को केदारनाथ में आर्यन सेवा का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें सात की मौत हुई थी।
23 अप्रैल 2023 को केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर के टेल रोटर की चपेट में आई यूकाडा के वित्त नियंत्रक अमित सैनी की मौत हुई थी। 24 जुलाई 2013 को राहत सामग्री लाते समय निजी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें पायलट व सह पायलट की मृत्यु हुई थी।