विदेशी जोड़े ने हिंदू रीति-रिवाजों से रचाई शादी, चकाचौंध छोड़ भारतीय परंपरा में डूबे…7 फेरे भी लिए

Spread the love

 

प्रेम और संस्कृति की धरती आगरा एक बार फिर उस क्षण की साक्षी बनी जब दूर देश कोलंबिया से आए विदेशी जोड़े कैमिला और एडविन ने भारतीय वैदिक परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न कर एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। इस पूरे आयोजन का संचालन और व्यवस्थापन आगरा की ट्रेवल कंपनी द्वारा किया गया, जिसने भारतीय संस्कृति और आतिथ्य की गहराई को न केवल दर्शाया बल्कि उसे विदेशी मेहमानों तक अनुभव के रूप में पहुंचाया।

विवाह की सभी रस्में पारंपरिक भारतीय शैली में निभाई गई हल्दी, मेहंदी, बारात, जयमाला, सात फेरे और वैदिक मंत्रोच्चार ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। दूल्हे एडविन ने सुनहरी शेरवानी और पारंपरिक पगडी धारण की, जबकि दुल्हन कैमिला ने भी पारंपरिक परिधान में भारतीय सौंदर्य की छटा बिखेरी। बैंड-बाजे और नृत्य-संगीत की गूंज में विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय रस्मों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना साकार होती नज़र आई।

 

इस भव्य समारोह का आयोजन केसर रेस्टोरेंट, आगरा में हुआ। संपूर्ण आयोजन की रूपरेखा, रस्मों की व्यवस्था, और मेहमानों के अनुभव का प्रत्येक पहलू टीम ने बारीकी से संभाला। यह आयोजन सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि एक संस्कृति और सौहार्द का उत्सव था, जिसने भारत की परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर जीवंत किया।

इस अवसर पर ट्रेवल कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री आरिफ कुरैशी ने कहा भारत की संस्कृति सिर्फ देखी नहीं जाती, इसे महसूस किया जाता है। जब विदेशी मेहमान इन परंपराओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हैं, तो यह हमारे लिए गर्व का क्षण होता है। हमारा प्रयास हमेशा यही रहा है कि हर आगंतुक न केवल भारत की सुंदरता देखे, बल्कि उसकी आत्मा को भी महसूस करे। श्री कुरैशी ने आगे कहा कि हम निरंतर ऐसे अनुभवात्मक आयोजनों को बढ़ावा दे रहे है, जिनसे विदेशी पर्यटकों को भारत की परंपराओं, मान्यताओं और आतिथ्य का सजीव अनुभव मिले।

उन्होंने कहा कि हम हर आयोजन को एक सांस्कृतिक यात्रा के रूप में देखते है, जिसमें सम्मान, सादगी और आत्मीयता का विशेष स्थान है। विदेशी जोड़े कैमिला और एडविन ने विवाह के बाद भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने भारत में न केवल शादी की, बल्कि यहां की संस्कृति, प्रेम और अपनापन को भी महसूस किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन का सबसे पवित्र और यादगार क्षण रहेगा।

और पढ़े  नोएडा में आक्रोशित कर्मचारियों ने किया पथराव,सेक्टर 80 में पत्थरबाजी; पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा

समारोह में स्थानीय नागरिकों और विदेशी मित्रों ने भी भाग लिया, जिन्होंने इस विवाह को भारतीय और पश्चिमी संस्कृतियों के सुंदर संगम के रूप में देखा। यह पहल यह दर्शाती है कि पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों का भ्रमण नहीं, बल्कि संस्कृति, भावनाओं और परंपराओं को जोड़ने वाला सेतु है।


Spread the love
  • Related Posts

    दहशतगर्दों के मंसूबे का दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा- राम मंदिर और संसद थे निशाना, हो चुकी थी रेकी, टॉय कार से करते धमाका

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से जिन चार ‘कट्टरपंथी’ युवकों को गिरफ्तार किया है वह आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे। कुछ…


    Spread the love

    होर्मुज में ईरानी सैनिकों की गोलीबारी,भारतीय जहाजों को लौटना पड़ा

    Spread the love

    Spread the loveहोर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से कथित गोलीबारी के बाद भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलकर लौटना पड़ा।…


    Spread the love