मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मुहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। इस दौरान किसी अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन, नई परंपरा, कानफोडू डीजे, ढोल-ताशों के अनियंत्रित प्रयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंगलवार को कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम ने शांति भंग करने के प्रयासों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम ने सभी डीएम और एसपी को मोहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, दुर्घटना से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए। 10 से 12 फीट से डीट से अधिक ऊंचे ताजियों की अनुमति न दी जाए। सभी की आस्था का सम्मान हो, लेकिन नई परंपरा स्वीकार्य नहीं होगी।
नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं
हर गांव हर वार्ड में 21 जून को योग कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के दौरान सीएम ने कहा कि इस वर्ष ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम के साथ इसे मनाया जा रहा है। पीएम के कार्यक्रम का प्रदेश भर में सीधा प्रसारण किया जाए। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि शामिल हों। सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों एवं 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास हो तथा नगरीय क्षेत्रों के 14 हजार वार्डों में कार्यक्रम स्थलों को चिह्नित करें। इससे पहले 20 जून को शिक्षण संस्थानों के सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सभी पुलिस लाइन एवं पीएसी बटालियनों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
जहां नहीं, वहां अगले तीन दिन में तैनात किए जाएं सीएमओ
जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर सीएम ने कहा कि कुछ जिलों में निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा, अन्यथा जवाबदेही तय होगी। उन्होंने जिन जिलों में सीएमओ नहीं है, वहां मेरिट के आधार पर अगले तीन दिन में अनिवार्य रूप से तैनाती करने का निर्देश भी दिया।








