ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन- रुद्रप्रयाग में निर्माणाधीन टनल में धंसाव, पानी और मलबा भरा, मजदूरों को निकाला

वाड़ी बाईपास के नजदीक चल रहे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे निर्माण कार्य के दौरान मंगलवार को टनल-बी 13 एस्केप टनल में अचानक से भू-धंसाव हो गया और अचानक रिसाव होने लगा। देखते ही देखते यहां पानी भरने लगा। इस दौरान अफरातफरी मच गई। समीप ही सात से आठ मजदूर काम कर रहे थे जिन्हें फटाफट वहां से निकाला गया। हालांकि घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। टनल से मलबा और पानी निकाला जा रहा है।

घटना सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे की है। पुलिस चौकी जवाड़ी से करीब 1.5 किमी दूर निर्माणाधीन एस्केप टनल (सहायक सुरंग) हिस्से में अचानक भू-धंसाव हो गया और पानी के साथ मलबा आने लगा। देखते ही देखते टनल में पानी भर गया। समीप ही सात से आठ मजदूर काम कर रहे थे जिन्हें फटाफट वहां से निकाला गया।

टनल में पानी भरने से कार्य प्रभावित हुआ। मेगा कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी महेश भट्ट ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। कंपनी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुटी है। मंगलवार सुबह 15 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल टनल में जमा मलबा और पानी निकालने का काम जारी है। अन्य किसी के भी जाने पर रोक लगा दी गई है।

 

प्राकृतिक जल स्रोत के हुआ रिसाव
मौके पर पहुंचे एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने बताया कि रेलवे अधिकारियों के अनुसार किसी प्राकृतिक जल स्रोत के रिसाव के कारण एस्केप टनल में मलबा आ गया जिससे टनल का काम बंद हो गया है। फिलहाल यहां से मलबा हटाया जा रहा है। 2-3 दिन में टनल को फिर से खोल दिया जाएगा। खुलने के बाद दोबारा इसका निरीक्षण किया जाएगा।

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सोशल मीडिया में उड़ रही खबरों को नकारा
सोशल मीडिया में टनल में पानी के रिसाव को पुनाड़ गदेरे से जोड़कर खबरें चलाई जा रही थीं। इस पर एसडीएम सोहन सिंह सैनी बताया कि रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह पानी किसी प्राकृतिक स्रोत का है। सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।

पहले से ही चिह्नित था स्थान
टनल में मलबा गिरने की आशंकाओं को देखते हुए पूर्व में ही उक्त स्थान को चिह्नित किया गया था। आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक सिविल ओपी मालगुड़ी ने कहा कि इस स्थान की भूगर्भीय स्थिति कमजोर है जिससे यहां ऊपरी छोर और किनारों से मलबा गिरने की आंशका पहले से थी। इस स्थान पर रीप्रोफाइलिंग करने के बाद फाइनल लाइनिंग की जाएगी। इस तरह की घटनाएं सुरंग खोदाई के दौरान सामान्य बात है। इससे काम की गति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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