अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है। SIT की टीम शुक्रवार सुबह गेस्ट हाउस से राम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना हुई। जांच के तहत आज भी परिसर में पूछताछ का दौर जारी रहेगा। SIT ने मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल के लिए बैंक कर्मचारियों को भी तलब किया है।
पूछताछ का दायरा और बढ़ेगा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एसआईटी अयोध्या पहुंची थी। ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। टीम ने चढ़ावे के ऑडिट से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए और पदाधिकारियों से इससे जुड़े सवाल पूछे।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले जिससे आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा और बढ़ेगा। वहीं, पुलिस की आपराधिक जांच भी जारी है। इससे इन सभी पर अब पुलिस और एसआईटी का दोहरा शिकंजा कसेगा।
पूरा ब्योरा मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा
छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद 13 जून को गठित एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। अब दूसरे चरण में एसआईटी वित्तीय गड़बड़ियों का पूरा खेल उजागर करने के लिए ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट का ऑडिट कर रही है। एसआईटी ने ट्रस्ट से अब तक हुए ऑडिट का पूरा लेखा-जोखा मांगा है, लेकिन कुछ ब्योरा अब भी नहीं मिला है। पूरा ब्योरा मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कहां कितनी और कैसी गड़बड़ी की गई।
उधर, विवेचक व सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी टीम के साथ बृहस्पतिवार को राम मंदिर पहुंचे और दान पात्रों को देखा। उन्होंने दान पात्र से राशि निकालने से लेकर गणना प्रक्रिया समझी। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लिए। वहीं, बृहस्पतिवार शाम पुलिस की एक टीम आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित गांव पहुंची और उसके परिजनों से करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए।








