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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और अन्य पर्वों के दृष्टिगत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य, सफाई और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही अफवाह फैलाने, खाद्य पदार्थों में मिलावट करने, ओवररेटिंग या शांति बिगाड़ने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे प्रदेश में लागू होगा मेरठ का कांवड़ मॉडल
कांवड़ यात्रा अब पूरे प्रदेश का व्यापक आयोजन बन चुकी है, इसलिए मेरठ जोन की सफल कार्ययोजना और कांवड़ यात्रा प्रबंधन के मॉडल को राज्य के सभी पुलिस जोनों में समान रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन कराने के लिए पड़ोसी राज्यों—हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों व कांवड़ संघों के साथ निरंतर समन्वय बनाया जाएगा। स्थानीय प्रशासन को समय रहते कांवड़ संघों से संवाद करने और शिविर संचालकों का सत्यापन पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सड़क, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
कांवड़ यात्रा मार्गों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त और सुगम बनाया जाएगा, जहां पर्याप्त रोशनी, पीने का पानी, शौचालय और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविरों में एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी, वहीं खाद्य सामग्री बेचने वाली प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना अनिवार्य होगा और डीजे का बजाना तय ध्वनि मानकों के भीतर ही स्वीकार्य होगा।
सुरक्षा व्यवस्था और अफवाहों पर सतर्क निगरानी
संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों और अफवाहों का तुरंत खंडन कर माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा, नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन सतर्क रहेगा ताकि किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
जनसमस्याओं का निस्तारण और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्व और चकबंदी से जुड़े विवादों को पूरी निष्पक्षता और मेरिट के आधार पर तय समय में सुलझाने के निर्देश दिए हैं ताकि वे सामाजिक सौहार्द को प्रभावित न करें। राशन कोटेदारों के उत्पीड़न और बिजली उपभोक्ताओं की ओवर-बिलिंग जैसी शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने तत्काल समाधान के निर्देश दिए हैं। भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर तत्काल निलंबन और खुली विजिलेंस जांच के साथ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मांस-मदिरा की दुकानें रहेंगी बंद
सीएम ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए। कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग की शिकायत किसी भी दशा में नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारी निरीक्षण कर दोषियों पर कार्रवाई करें। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहे। डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। कानफोड़ू आवाज नहीं होनी चाहिए। यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप तैयार करें। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तत्काल कराएं। मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित हों। एंटी वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाएं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम से भजन-संगीत के साथ आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसारण करें।