राज चाैहान हत्याकांड: हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव पर 25 हजार का इनाम, जांच के लिए बनी SIT, मां को पुलिस सुरक्षा

Spread the love

गरा ट्रांसयमुना के टेढ़ी बगिया क्षेत्र में तीन माह पहले हुई राज चौहान की हत्या के मामले में लखनऊ तक शिकायत के बाद अब पुलिस आयुक्त ने एसआईटी गठित की है। राज की मां को पुलिस सुरक्षा दी गई है। शक के घेरे में आया हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव रंगदारी के मामले में वांछित है। उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है।

हाथरस जिले के सादाबाद कस्बा के बेदई गांव का निवासी राज चौहान परिवार आगरा में कालिंदी विहार क्षेत्र में रहता था। 23 जनवरी की रात टेढ़ी बगिया क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में राज की हत्या की गई थी। उसे सात गोलियां लगी थीं। सीसीटीवी से पांच लोगों के हत्याकांड में शामिल होेने की पुष्टि हुई। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी शाह नगर के अरबाज उर्फ मंसूरी को गिरफ्तार किया था। हथियार बरामद कराने के दौरान पुलिसकर्मी की पिस्टल लेकर भागते समय वह मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस ने साजिश में शामिल राज चौहान के दोस्तों को भी गिरफ्तार किया और आठ आरोपी जेल भेजे गए थे।

 

उधर, राज की मां नीरज कुमारी ट्रांसयमुना थाने के हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव को हत्याकांड का मास्टरमाइंड बता रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया था कि बेटे की जान बचाने के लिए उन्होंने मोनू से मिलकर मिन्नतें की थीं। शहर छोड़कर चले जाने का भी वादा किया था। बेटे की हत्या के तीन माह बीत जाने पर भी राज की मां पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थीं। उन्होंने हिस्ट्रीशीटर मोनू पर साजिश का आरोप लगा कई बार अधिकारियों से शिकायत की। पूर्व में ट्रांसयमुना थाने में तैनात इंस्पेक्टर के मोनू यादव से संबंध होने और उसे कार्रवाई से बचाने का भी आरोप लगाया था। पुलिस की जांच में क्षेत्र के गैंगस्टर आलोक यादव का नाम भी प्रकाश में आया था।

और पढ़े  हत्या: आधी रात को कार से कुचल दिया कारोबारी, CCTV में कैद हुई वारदात, इस वजह से ली जान

पुलिस आयुक्त ने बनाई एसआईटी
राज चौहान की मां ने एक जनप्रतिनिधि की मदद से मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच कर मोनू यादव की शिकायत कर जान का खतरा बताया था। शनिवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने उनको पुलिस सुरक्षा देकर पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो आईपीएस समेत 7 सदस्यों की एसआईटी गठित की है। एसआईटी का अध्यक्ष डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार को बनाया गया है। डीसीपी मुख्यालय अतुल शर्मा, एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव, एसीपी एत्मादपुर देवेश सिंह, इंस्पेक्टर एत्मादपुर आलोक सिंह, एसएसआई एत्मादपुर शिवाजीत सिंह व एसएसआई बरहन गुरवीर सिंह को सदस्य बनाया गया है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि एसआईटी पुलिस की विवेचना और परिजन के आरोपों की जांच करेगी। वह खुद पूरे मामले पर नजर रखेंगे।

जेल से छूटते ही मांगी रंगदारी
हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव राज चौहान हत्याकांड में शक के दायरे में आया था। उसे पुलिस की कार्रवाई में मुठभेड़ का डर था। वह पुराने मामले में जमानत कटवाकर जेल चला गया था। मामला ठंडा पड़ते ही जमानत करवा ली थी। जेल से छूटते ही अपने ही गांव के रहने वाले ढाबा संचालक को रोककर 10 लाख की चौथ मांगी थी और जेब में रखे 30 हजार छीन लिए थे। मामले में मोनू और उसके परिजन पर थाना ट्रांसयमुना में प्राथमिकी दर्ज है।

Spread the love
  • Related Posts

    जवान लेकर घूम रहा मां का कटा हाथ- बिलखते हुए पुलिस आयुक्त से मांगा इंसाफ, कहा-जिससे बचपन में खाना खाया, आज वो…

    Spread the love

    Spread the loveकानपुर में आईटीबीपी जवान विकास सिंह मंगलवार दोपहर आइस बॉक्स में अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इससे पुलिस ऑफिस में सनसनी…


    Spread the love

    बड़ी वारदात: बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर की लूटपाट, दंपती की हालत नाजुक, मासूम को भी नहीं बख्शा

    Spread the love

    Spread the loveबदायूं के इस्लामनगर कस्बे में मंगलवार देर रात कच्छा-बनियान गिरोह ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका दहल उठा। हथियारों से लैस चार नकाबपोश बदमाशों ने एक घर…


    Spread the love