दिल्ली की BJP सरकार के 100 दिन- धीमी रफ्तार, महिला समृद्धि योजना, फ्री शिक्षा और सिलेंडर जैसे वादे अभी कागजों पर ही

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दिल्ली सरकार ने दिल्लीवालों की जिंदगी में सहूलियत लाने वाले फैसले लिए हैं लेकिन इनके धरातल पर उतरने का इंतजार है। इनमें से अधिकतर फैसले आधी आबादी से जुड़े हैं जो महिला मुख्यमंत्री होने की वजह से ज्यादा उम्मीद लगाए बैठी है। इनमें महिला समृद्धि योजना, मुफ्त और सस्ता सिलिंडर योजना। बच्चों की मुफ्त शिक्षा समेत अन्य घोषणाएं शामिल हैं। सरकार ने इनमें कुछ योजनाओं को हरी झंडी भी दे दी है लेकिन इनमें से कई फाइलों में एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर घूम रही हैं।

 

महिलाओं के खाते में अभी नहीं आए 2500 रुपये
दिल्ली चुनाव के दौरान भाजपा ने गरीब परिवार की महिला को हर माह 2500 रुपये वित्तीय सहायता देने का वादा किया था। दिल्ली सरकार ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है और इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया है लेकिन 100 दिनों में महिलाओं के खाते में पैसा नहीं आया है। गरीब महिला की पेंशन 2500 से 3000 करने और गर्भवती महिलाओं के लिए 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और 6 पोषण किट के लिए भी 210 करोड़ रुपये का बजट आवंटित है लेकिन योजना लागू होने का इंतजार है।

होली पर नहीं मिला मुफ्त गैस सिलिंडर
भाजपा का बड़ा चुनावी वादा होली और दिवाली पर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलिंडर देने का था। होली सिलिंडर की आस में गुजर गई अब दीपावली का इंतजार है। महिलाओं को 500 रुपये में सस्ता सिलिंडर देने का भी वादा भी अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। अधिकारी बताते हैं कि इन योजनाओं से जुड़ी औपचारिकताओं को अभी पूरा किया जा रहा है। जल्द ही इन्हें लागू कर दिया जाएगा।

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पांच रुपये में नहीं मिला भरपेट भोजन
भाजपा ने सरकार बनने से पहले झुग्गी-झोपड़ियों में 5 रुपये में पौष्टिक भोजन और गरीब छात्रों के लिए केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने का वादा किया है। 100 अटल कैंटीन और मुफ्त शिक्षा के लिए प्रारंभिक योजनाएं बन रही हैं, लेकिन अभी तक ठोस क्रियान्वयन नजर नहीं आया। सीएम ने आजादपुर मंडी में पहली अटल कैंटीन की घोषणा की है, बजट में 100 करोड़ आवंटित हैं लेकिन अभी काम नहीं शुरू हुआ।

सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने कुछ काम किए हैं। फिर भी, अभी तक महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा अधूरा है। मौजूदा सरकार पिछली सरकार की मुफ्त सुविधाओं को खत्म करने में लगी है। निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का सपना टूट गया है। – पिंकी, बदरपुर

दिल्ली सरकार के सौ दिन के काम से बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इलाके में सड़कें अभी कच्ची हैं। बारिश में नालियां भर जाती हैं और गलियों में जलभराव हो जाता है। सरकार ने चुनाव से पहले बहुत वादे किए थे। इसमें से कुछ पूरे हुए, लेकिन महिलाओं को 2500 रुपये भी नहीं मिले। सरकार से काफी उम्मीदें हैं कि वह अपने वादे पूरे करेगी। – आशा रानी, आश्रम निवासी

दिल्ली सरकार ने अस्पताल और स्कूलों को विकसित करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए देवी बस चलाई। आयुष्मान योजना लागू कर गरीब परिवारों को अहम सहायता पहुंचाई है। दिव्यांगजनों के लिए भी कई सारी पहल की है। वहीं, दिल्ली के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ाने के लिए अनेकों नए प्रयास किया जा रहे हैं। -टीना पूरी जिंदल, विकासपुरी

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दिल्ली दंगों में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी दी गई है : सिरसा
दिल्ली सरकार ने रोजगार देने का वादा किया है, जिसके तहत दिल्ली दंगों में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी दी गई है। 125 परिवारों को नियुक्तियां देने का काम किया गया है, जिनमें से 19 लोग अपनी सेवाएं शुरू कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने जो भी वादे किये हैं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में उनपर काम किया जा रहा है। प्रदूषण के खिलाफ हम व्यापक कार्ययोजना के साथ काम कर रहे हैं। -मंजिंदर सिंह सिरसा, कैबिनेट मंत्री, दिल्ली सरकार

यमुना नदी की सफाई धरातल पर नहीं
सरकार को तीन साल में यमुना को साफ करना है और साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर यमुना रिवरफ्रंट विकसित करना है। रेखा सरकार ने यमुना की अविरलता के मुद्दे को बार-बार अपनी प्रतिबद्धता बताया है। वर्तमान की बात करें तो सरकार ने यमुना सफाई के लिए सिर्फ प्रारंभिक सर्वे शुरू किया है। यमुना की आरती जैसे प्रतीकात्मक कदम ही उठाए हैं। सरकार ने यमुना सफाई के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो तकनीकी और वित्तीय रूप   से जटिल है। सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार से सहायता की मांग की है।

50 हजार सरकारी पदों के लिए विज्ञप्ति का इंतजार
10 लाख रुपये का बीमा और 5 लाख रुपये का दुर्घटना कवर पर भी अभी तक बात नहीं हुई है। खाली पड़े 50,000 सरकारी पदों को भरने, दिल्ली में 41,000 करोड़ रुपये खर्च कर सड़कें बनाने, 15,000 करोड़ रुपये खर्च कर रेलवे लाइन बिछाने और 21,000 करोड़ रुपये खर्च कर हवाई अड्डों को चमकाने जैसे अनेक वादे पूरे होने का इंतजार है।

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लैंडफिल साइटों को साफ करने की नई तारीख
दिल्ली सरकार ने लैंडफिल साइटों को साफ करने के लिए नए लक्ष्य तय किए हैं। सरकार का वादा है कि 2027 तक लैंडफिल साइटों का साफ किया जाएगा। यहां महत्वपूर्ण ये है कि मौजूदा समय केंद्र, दिल्ली सरकार और एमसीडी तीनों जगहों पर भाजपा का शासन है। देखना होगा कि तीन इंजन की सरकार मिलकर लैंडफिल साइटों की सफाई के लिए क्या रास्ता निकालते हैं।

मुफ्त शिक्षा कब मिलेगी…
मुफ्त शिक्षा, सीएम श्री स्कूल, स्कूलों में स्मार्ट क्लास, स्मार्ट लाइब्रेरी, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 15 हजार की वित्तीय सहायता और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को ”डॉ. बीआर आंबेडकर स्टाइपेंड योजना” के तहत एक हजार रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड जैसी नई योजनाओं के लिए सरकार ने बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उम्मीद है कि सरकार इन योजनाओं को जल्द लागू करेगी।

अनधिकृत कॉलोनियों के लिए ठोस निर्णय होना बाकी
भाजपा ने ये वादा किया था कि सत्ता में आने पर 1,700 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को संपत्तियों का पूर्ण मालिकाना हक मिलेगा। इससे बिक्री, खरीद और निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। ‘गिग वर्कर्स’ और मजदूरों के लिए सरकार ने ‘गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड’ बनाने की घोषणा की है। इसके क्रियान्वयन होना बाकी है।


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