पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर अयोध्या धाम में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा एवं धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। कलश यात्रा और वैदिक अनुष्ठानों के साथ प्रारंभ हुए इस आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण, भजन-कीर्तन और सत्संग का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 8:15 बजे से 10:15 बजे तक श्री गुरुजी महाराज द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्रीमद्भागवत महापुराण पर विशेष प्रवचन किया जा रहा है। प्रवचन के दौरान गुरुजी महाराज श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म, भक्ति और मानव जीवन के मूल्यों का महत्व बताते हुए भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं। उनके प्रवचनों को सुनने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
इसके पश्चात दोपहर 1:15 बजे से 4:15 बजे तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, सेवा और लोककल्याण के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि मनुष्य भगवान श्रीराम के चरित्र का थोड़ा सा भी अनुसरण कर ले तो उसका जीवन सफल हो सकता है और वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
रात्रि 8:15 बजे से 9:15 बजे तक भागवत नाम संकीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान पूरा कथा परिसर हरिनाम संकीर्तन, भजन और जयघोष से भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान के नाम का स्मरण करते हैं और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करते हैं।
कार्यक्रम के कथा व्यास श्री कृष्ण प्रिय जी महाराज अपने मधुर और ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और इस मास में कथा श्रवण, सत्संग, दान, जप और भजन का विशेष महत्व बताया गया है। इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्यों का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन समाज के सभी वर्गों के सहयोग से संपन्न हो रहा है। इसमें गरीब, अमीर, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि अयोध्या धाम जैसी पवित्र भूमि पर बैठकर भगवान की कथा सुनना और संतों का सान्निध्य प्राप्त करना जीवन का दुर्लभ सौभाग्य है।
पूरे आयोजन स्थल पर धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। कथा पंडाल में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग भगवान के नाम का स्मरण करते हुए आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में उपस्थित होकर कथा, प्रवचन एवं संकीर्तन का लाभ लेने की अपील की है।






