व्यापारियों को मानिक चंद्र सिंह की सलाह— पहचान पत्र देखें, तभी होने दें खाद्य विभाग की जांच
खाद्य कारोबारियों को फर्जी अधिकारियों की अवैध वसूली से बचाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा सभी अधिकृत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और निरीक्षण टीमों को विशेष पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार 1 मई 2026 से बिना विभागीय पहचान पत्र के कोई भी अधिकारी किसी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट या खाद्य प्रतिष्ठान में जांच नहीं कर सकेगा।
सहायक आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्व स्वयं को खाद्य सुरक्षा अधिकारी बताकर व्यापारियों से अवैध वसूली करने का प्रयास कर रहे थे। ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है, जिससे वास्तविक अधिकारियों की पहचान आसानी से हो सके और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान प्रत्येक अधिकृत अधिकारी को अपना विभागीय पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति बिना नई आईडी के खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनकर निरीक्षण करने पहुंचे तो व्यापारी उसे जांच की अनुमति न दें और इसकी सूचना तत्काल विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों को दें।
सहायक आयुक्त ने जिले के सभी दुकानदारों, होटल संचालकों, रेस्टोरेंट मालिकों एवं खाद्य कारोबारियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि विभाग पारदर्शी व्यवस्था और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नई पहचान पत्र व्यवस्था लागू होने से फर्जी अधिकारियों की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा तथा खाद्य सुरक्षा निरीक्षण प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह बनेगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिलने पर विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा, ताकि व्यापारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।






