आज सीजेपी प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच फिर होगी बातचीत,बंद रहेंगे 18 मेट्रो स्टेशन

नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन जारी है। सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच बातचीत चल रही है। सीजेपी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर अपनी मांग पर डटी हुई है। सरकार और सीजेपी के बीच आज दोपहर में तीसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है।

 

हमें धर्मेंद्र प्रधान के बारे में स्पष्टता चाहिए: आशुतोष रांका

आज सरकार के साथ होने वाली बैठक के बारे में कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “उन्होंने हमें आज दोपहर 3:30 से 4 बजे का समय दिया था। स्थान अभी तय नहीं हुआ है। बातचीत बहुत स्पष्ट है। जिन दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है, उन पर हमें लिखित पुष्टि मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। हमें धर्मेंद्र प्रधान के बारे में स्पष्टता चाहिए – क्या वे उनका इस्तीफा मांगेंगे या नहीं। हमें हां या ना में जवाब चाहिए क्योंकि इस पर विचार-विमर्श की गुंजाइश बहुत कम है।”

‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं आया’

सरकार के साथ बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, ‘कल की बैठक में कम्पेनसेशन और लीगल मामलों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। एक इन-प्रिंसिपल एग्रीमेंट हुआ था। हमें उम्मीद है कि आज वह रिटर्न एग्रीमेंट भी मिल जाएगा लेकिन जो मुख्य मांग है- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं आया है। अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो हमें बता दें, फिर इस तरह की मीटिंग का कोई मतलब नहीं है। हम अपनी आगे की रणनीति पर काम करेंगे।’

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सरकार द्वारा एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त करने पर उन्होंने कहा, “हमें बहुत सारी डिटेल्स देखनी होंगी लेकिन हम फिर से वही बात कर रहे हैं। आखिरी जवाबदेही शिक्षा मंत्री की है, क्योंकि वे सभी पेपर लीक और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्हें इस्तीफा देना होगा। हम लगातार दूसरे बड़े सुधारों पर चर्चा कर रहे हैं।’

पुलिस ज्यादती के आरोपों वाली याचिकाओं पर 27 को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट उन दो याचिकाओं पर 27 जुलाई को सुनवाई करने पर राजी हो गया, जिनमें नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में खामियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ज्यादती करने का आरोप लगाया
गया है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले का जिक्र किए जाने के बाद जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाओं को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

जंतर-मंतर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य

जंतर-मंतर पर फिलहाल स्थिति सामान्य है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या कल की तुलना में कम है और लगातार बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस समय लोग देशभक्ति के गीत गा रहे हैं, नृत्य कर रहे हैं और आपस में बातचीत कर रहे हैं। कहीं भी कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता हर हाल में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। शुक्रवार शाम जंतर मंतर पर करीब 8 हजार प्रदर्शनकारी मौजूद हैं, जबकि पहले यह संख्या इससे काफी अधिक थी।
-अजय चौधरी, विशेष पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस   

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