राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को महाराष्ट्र और हरियाणा के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह महाराष्ट्र के नासिक में सिंहस्थ महाकुंभ से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके अगले दिन हरियाणा के कुरुक्षेत्र में राज्य के गठन के 60 साल पूरे होने पर आयोजित समारोह में शिरकत करेंगी। राष्ट्रपति भवन की ओर से शुक्रवार को जारी जानकारी में यह बताया गया है।
महाराष्ट्र दौरे के बाद राष्ट्रपति 1 नवंबर को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जाएंगी। यहां वह राज्य के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘हीरक जयंती’ समारोह में शामिल होंगी। इसके अलावा, वह गुरुकुल कुरुक्षेत्र में स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान की शताब्दी से जुड़े वार्षिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी।
इससे पहले 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। उन्होंने कहा था कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और लोगों की सामूहिक आस्था का प्रतीक है। इस उत्सव में पूरे समुदाय की भागीदारी इसे खास बनाती है। इसके अलग-अलग रीति-रिवाज समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी जुड़ाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा था कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से जूझता रहा, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों से अब क्षेत्र में हालात बेहतर हुए हैं और विकास को गति मिली है। उन्होंने आदिवासी उद्यमियों को आर्थिक मदद देने और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने की पहल पर भी खुशी जताई। उन्होंने भरोसा जताया कि समावेशी विकास की ये कोशिशें वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार होंगी। साथ ही उन्होंने आदिवासी समुदायों की प्रकृति के साथ मिलकर जीवन जीने की परंपरा से सीखने और विकास के साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।






