स्वास्थ्य मंत्रालय- सभी राज्यों को दिए गए निर्देश,अवैध अंग प्रत्यारोपण हो, तो रद्द करें अस्पताल का लाइसेंस

स्वास्थ्य मंत्रालय- सभी राज्यों को दिए गए निर्देश,अवैध अंग प्रत्यारोपण हो, तो रद्द करें अस्पताल का लाइसेंस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे अवैध रूप से देश में चल रहे अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) के मामलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि जो भी अस्पताल अवैध रूप से अंग प्रत्यारोपण या अंग प्रत्यारोपण के लिए बने कानून का उल्लंघन करता पाया जाए, उसके लाइसेंस को रद्द किया जाए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को लिखा पत्र
भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं के डायरेक्टर जनरल डॉ. अतुल गोयल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इस पत्र में डॉ. गोयल ने कहा है कि सभी अंग प्रत्यारोपण के सभी आंकड़े मासिक आधार पर राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के साथ साझा किए जाने चाहिए। इनमें देश के नागरिकों के साथ ही विदेशी नागरिकों के आंकड़े भी होने चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय का यह आदेश हरियाणा और राजस्थान में हुए अवैध अंग प्रत्यारोपण के रैकेट के खुलासे के बाद सामने आया है। जिसमें बांग्लादेश के लोग भी शामिल थे।

अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पत्र में लिखा कि ‘देश में विदेशी नागरिकों को होने वाले अंग प्रत्यारोपण के दर्ज मामलों में उछाल देखा गया है। ऐसे में इन मामलों की भी समीक्षा की जानी चाहिए। मानव अंग प्रत्यारोपण एवं ऊतक कानून (Transplantation of Human Organs and Tissues Act (THOTA)),1994 कानून के तहत राज्य द्वारा नियुक्त टीम को अपने-अपने राज्यों में विदेशी नागरिकों को हुए अंग प्रत्यारोपण के मामलों की जांच की जानी चाहिए है।’ पत्र में डॉ. गोयल ने ये भी लिखा कि ‘कानून का उल्लंघन हो तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और अवैध अंग प्रत्यारोपण में शामिल अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए।’

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अंग प्रत्यारोपण के मामलों की जांच और समीक्षा के निर्देश
सरकार ने अंग दान देने वाले व्यक्ति और अंग दान लेने वाले व्यक्ति दोनों की आईडी बनाना अनिवार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाने को कहा है, जिसमें सरकारी अधिकारी समय-समय पर अंग प्रत्यारोपण के मामलों की जांच और समीक्षा करते रहें। सरकार ने अंग प्रत्यारोपण के मामलों पर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। बीती 4 अप्रैल को हरियाणा के गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने एक होटल पर छापा मारकर एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था, जिसमें पैसे के बदले लोगों की किडनी निकालकर उन्हें मरीजों में प्रत्यारोपित किया जा रहा था। जयपुर के दो निजी अस्पतालों में यह रैकेट चल रहा था। इस मामले में बांग्लादेश के नागरिकों को पैसों का लालच देकर उनकी किडनी निकाली जा रही थी।

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