गौतम हत्याकांड का बुधवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्याकांड का मास्टरमाइंड कांट के नौसारा सिकंदरपुर खुर्द गांव का रहने वाला 19 वर्षीय अश्वनी निकला। अश्वनी की बहन से समीर और गौतम बातचीत करते थे। दोनों को रास्ते से हटाने के लिए अश्वनी ने साजिश रचकर समीर को गौतम की हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस ने अश्वनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अश्वनी की बहन को पुलिस ने जांच में शामिल किया है।
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि 31 जुलाई की रात कांट के प्रह्लादपुर कमलनैनपुर गांव निवासी गौतम की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मौके से आरोपी समीर को पकड़ने के बाद उसके पिता लियाकत, भाई राजा और चचेरे भाई तदीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसपी सिटी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी अश्वनी ने बताया कि गौतम और समीर सहित अन्य कुछ लड़के उसकी बहन से बातचीत करते थे। उसे ब्लैकमेल करते हुए एक-दूसरे से बात न करने के लिए दबाव बनाते थे। वे सभी लड़की को धमकी देते थे कि यदि वह किसी अन्य व्यक्ति से बात करेगी तो उससे बात करने वाले व्यक्ति को मार देंगे।
जब अश्वनी को इसकी जानकारी हुई तो उसने अपनी बहन का विवाह तय कर दिया। समीर और गौतम ने मिलकर उसकी बहन का रिश्ता तुड़वा दिया। इसके बाद उसने दोनों को एक-दूसरे के माध्यम से निपटाने की योजना बनाई। उसी योजना के तहत उसने समीर से बात कर उसे उकसाया। उसने गौतम को मारने का आश्वासन दिया। उसने समीर से भी उसकी बहन से बात न करने के लिए कहा। इस पर समीर ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी। साजिश के तहत अश्वनी फैक्टरी में काम करने के लिए दिल्ली चला गया।
अश्वनी का तहेरा भाई विक्की गौतम के साथ रहता था। 31 जुलाई की सुबह लगभग आठ बजे अश्वनी को कॉल कर समीर ने कहा कि अपने भाई विक्की को रोक लो, वह बीच में आ रहा है। वरना गौतम के साथ उसे भी मारना पड़ेगा। इस पर उसने समीर से घर जाकर बात करने को कहा था। विक्की के रास्ते में न आने पर समीर ने अश्वनी से कहा कि वह आज गौतम को मारेगा। अगले दिन सुबह उसे जानकारी हुई कि गौतम की हत्या कर दी गई है। इससे उसे बड़ी शांति मिली। अश्वनी को पुलिस ने बुधवार को कांट थाने पूछताछ के लिए बुलाया था। यहीं से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
लड़की को लेकर चल रही थी वर्चस्व की जंग
गौतम, समीर और अश्वनी कांट जीआईसी में साथ में पढ़ते थे। यहीं से तीनों के बीच जान-पहचान हुई थी। तीनों के घर कांट में थोड़े फासले पर हैं। जिस दुकान में गौतम साइकिल मिस्त्री का काम करता था, अश्वनी की बहन उसके सामने से गुजरती थी। अप्रैल तक समीर और गौतम की लड़की से मोबाइल पर बातचीत हुआ करती थी। बाद में अश्वनी और परिजनों के संज्ञान में आने पर बातचीत बंद हो गई थी।
इसके बाद समीर और गौतम के बीच लड़की को लेकर वर्चस्व की जंग शुरू हो गई थी। अश्वनी के मुताबिक, गौतम उसकी बहन को वीडियो-फोटो के जरिये ब्लैकमेल कर रहा था। इससे बहन काफी परेशान थी। इस वजह से वह पिछले दो महीने से उसे रास्ते से हटाने का प्लान बना रहा था। वारदात के छह-सात दिन पहले से समीर ने कई बार गौतम को मारने का प्रयास किया। उसे शराब पीने के लिए बुलाया लेकिन वह वारदात को अंजाम नहीं दे पाया।
हत्या के दिन 14 बार हुई लड़की से बात
31 जुलाई को हत्या से पहले समीर, अश्वनी के साथ ही उसकी बहन से बराबर संपर्क में रहा था। समीर और लड़की के बीच 13-14 बार मोबाइल पर बातचीत हुई। पुलिस के मुताबिक, समीर उसे पल-पल की खबर दे रहा था।







