करियर हुआ बर्बाद : अग्निवीर बनने की चाहत ने बुझा दी “दीपक” की रोशनी,फर्जीवाड़ा करना पड़ा महंगा जाना पड़ा सलाखों के पीछे

सेना में शामिल होने की चाहत ने दीपक की उम्मीदों की रोशनी को मुरझा दिया। फर्जीवाड़ा करना उसे महंगा पड़ गया और सलाखों के पीछे जाना पड़ा। दीपक ने पहले फर्जी प्रमाणपत्र बनाया इसके बाद इसी प्रमाणपत्र के अनुसार आधार कार्ड में जन्मतिथि बदल ली।

अग्निवीर सेना भर्ती में फर्जी प्रमाणपत्र लेकर आया युवक दीपक मंगलवार को पकड़ा गया। उसके हाईस्कूल की अंक तालिका और जन्म प्रमाणपत्र में अलग-अलग जन्मतिथि अंकित थी। उसके पास दो आधार कार्ड, हाईस्कूल की दो अंक तालिकाएं और दो जन्म प्रमाणपत्र भी मिले। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

मंगलवार को जनरल बीसी जोशी आर्मी मैदान में अग्निवीर भर्ती चल रही थी।सेना के अधिकारी अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रहे थे। दो आधार कार्ड, हाईस्कूल की दो अंकतालिकाएं और दो जन्म प्रमाणपत्र मिलने पर नामिक (मुनस्यारी) निवासी दीपक सिंह जैमुवाल संदेह के घेरे में आ गया। एक प्रमाणपत्र में उसकी जन्मतिथि 01/03/1999 और दूसरे में 01/08/2003 दर्ज थी।

सेना के अधिकारियों ने सख्ती से पूछताछ की तो दीपक ने बताया कि अग्निवीर भर्ती के लिए उसकी आयु निकल गई थी इसलिए उसने फर्जी प्रमाणपत्र बनाए हैं। उसने फर्जी प्रमाणपत्रों में जन्मतिथि 01/08/2003 कराई और अग्निवीर भर्ती के लिए फार्म भरा था। दीपक ने बताया कि उसने यूपी के एक संस्थान से हाईस्कूल का फर्जी प्रमाणपत्र बनाया था क्योंकि उसकी सेना भर्ती में शामिल होने की उम्र निकल चुकी थी। उधर, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी प्रमाणपत्र के साथ युवक के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। वह सेना भर्ती में हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है कि फर्जी प्रमाणपत्र लेकर सेना भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पिथौरागढ़ में वर्ष 2018 में सेना भर्ती के दौरान फर्जी दस्तावेजों के साथ चार युवक पकड़े गए थे। इन युवकों ने शैक्षिक अभिलेखों के साथ ही स्थायी निवास और जाति प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाए थे।

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25 दिसंबर 2018 में हुई सेना भर्ती में उत्तर प्रदेश के हाथरस से आए दो युवक फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़े गए थे। इसके दो दिन बाद फिर दो युवक फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़े गए। इनमें एक युवक अलीगढ़ का जबकि दूसरा मथुरा का रहने वाला था। दोनों युवकों ने शैक्षिक अभिलेखों के साथ ही पिथौरागढ़ जिले के नाम से फर्जी स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज बनाए थे। 24 अगस्त को रानीखेत में भी अग्निवीर भर्ती के दौरान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के युवक ताहिर खान को फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया था। जांच में सामने आया था कि ताहिर खान का फर्जी निवास प्रमाणपत्र हल्द्वानी से बना था।

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