अयोध्या- बिखर गई मकान की एक-एक ईंट, कुकर के साथ फटा मिला ये खतरनाक सामान,3 बच्चों सहित इतने लोगों की मौत

 

अयोध्या के हनुमत नगर में तेज धमाके के साथ बृहस्पतिवार देर शाम 7.30 बजे मकान गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन बच्चे, उनके पिता और एक मजदूर शामिल हैं। बचाव कार्य जारी है। लेकिन मलबे में अन्य कोई घायल नहीं मिला है। पटाखा या रसोई गैस सिलिंडर से धमाके की आशंका जताते हुए पुलिस जांच में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “अयोध्या में हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत हृदयविदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें, शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

Ayodhya house collapsed Five people including a father and three children died

पूरा कलंदर क्षेत्र के पगलाभारी गांव में जोरदार धमाके की आवाज के साथ रामकुमार गुप्त उर्फ पारसनाथ का मकान गिर गया। वह मकान में आटा चक्की का भी संचालन करते थे। धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ देर में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और सीओ अयोध्या भी पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए।

 

पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबे में दबे गृह स्वामी रामकुमार गुप्त, उनकी बेटी ईशा (10), पुत्र लव (7), यश (5) के साथ ही मजदूर रामसजीवन को बाहर निकाला। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पांचों घायलों में से चार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यश ने अस्पताल में ही दम तोड़ा।

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मौके पर नहीं मिला विस्फोटक 
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने धमाके में पांच मौतों की पुष्टि की है। डीएम के अनुसार, देर रात घटनास्थल से मलबा हटा लिया गया है। उसमें कोई घायल नहीं मिला है। मौके से कोई विस्फोटक भी नहीं पाया गया है। प्रथम दृष्टया कुकर या रसोई गैस सिलिंडर से धमाका होने की आशंका है।

Ayodhya house collapsed Five people including a father and three children died

घटनास्थल से मिला फटा सिलिंडर और कुकर
घटनास्थल पर रसोई गैस की बदबू आ रही थी। मौके से फटा हुआ कुकर और सिलिंडर भी मिला है। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते डॉग और बम स्वॉड के साथ देर रात 11 बजे तक जेसीबी की मदद से बचाव कार्य चलता रहा। इस बीच मलबे में कोई दबा नहीं मिला।

 

दूर तक सुनी गई धमाके की आवाज मकान की एक-एक ईंट बिखर गई
अयोध्या के भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव के एक मकान में हुए धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान की एक-एक ईंट बिखर गई। देर रात तक मलबे की तलाश में पुलिस की टीम डॉग स्कवायड की मदद से जुटी रही। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी की स्थिति रही। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर देर रात तक डटी रही। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कैंप कर रखा है।

 

पूराकलंदर थाना क्षेत्र के पगलाभारी गांव में पिछले साल भी रामकुमार गुप्त के घर पर विस्फोट हुआ था, जिसमें दो मंजिला मकान मलबे में तब्दील हो गया था। इस घटना में चक्की पर आटा लेने आई गांव की ही एक लड़की के साथ रामकुमार की मां और पत्नी की मौत हुई थी। घटना के बाद गांव की आक्रोशित महिलाओं ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किया था।

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Ayodhya house collapsed Five people including a father and three children died

गांव वाले बताते हैं कि इससे पहले भी तीन बार रामकुमार के घर पर विस्फोट हो चुका था। वर्ष 2024 में हुई घटना के बाद रामकुमार ने माना था कि वह पटाखे का कारोबार करता है। एक साथ पटाखे खरीदकर घर पर रख लेता था और उसकी बिक्री करता था।

 

पगलाभारी गांव में 13 अप्रैल 2024 को भी इसी रामकुमार गुप्ता के घर में विस्फोट हुआ था। विस्फोट में दो मंजिला मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया था। रामकुमार ने मकान में आटा चक्की लगा रखा था। पड़ोस के मौर्या का पुरवा गांव निवासी रामकुमार कोरी की बेटी प्रियंका (19) आटा लेने पहुंची थी, जिसकी विस्फोट के बाद मकान के मलबे में दबने से मौत हो गई थी।

 

मकान मालिक रामकुमार, उनकी मां शिवपता (65), पत्नी बिंदु (25), रामकुमार के बच्चे ईशा (9), लव (6) और यश (4) झुलस गए थे। अगले दिन रामकुमार की मां शिवपता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के छठे दिन रामकुमार की पत्नी बिंदु गुप्ता की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने हादसे की वजह अवैध पटाखों का भंडारण बताया था। हालांकि, मकान मालिक ने सिलिंडर फटने की बात कही थी, लेकिन पुलिस को छानबीन में सिलिंडर के टुकड़े नहीं मिले थे।

Ayodhya house collapsed Five people including a father and three children died

मकान के दरवाजे और खिड़कियां 50 से 100 मीटर की दूरी पर जा गिरीं
पिछले साल की घटना के बाद से रामकुमार मधुपुर मार्ग पर गांव के बाहर मकान बनाकर रह रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि राम कुमार गांव छोड़कर सड़क पर घर न बनाया होता और यह धमाका गांव में हुआ होता तो कई घर चपेट में आ जाते। धमाका इतना जोरदार था कि काफी दूर तक लोगों को इसकी आवाज सुनाई दी। मकान के दरवाजे और खिड़कियां 50 से 100 मीटर की दूरी पर जा गिरे। प्रशासन और पुलिस के अफसरों की मौजूदगी में दो जेसीबी से मलबा हटाकर खोजबीन जारी है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है।

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प्रथम दृष्टया रसोई गैस सिलिंडर फटने से हादसा होना प्रतीत हो रहा है। विस्तृत जांच की जा रही है। मौके से फटे सिलिंडर, कुकर तथा कुछ बर्तनों के अवशेष मिले हैं। बीडीएस टीम ने मौके की जांच की है। अभी बारूद के सबूत नहीं मिले हैं। देवेश चतुर्वेदी, एएसपी अयोध्या

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