अयोध्या: मंदिर परिसर में बनेगा ऑडिटोरियम, राम दरबार का डिजाइन भी हो रहा तैयार

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अयोध्या: मंदिर परिसर में बनेगा ऑडिटोरियम, राम दरबार का डिजाइन भी हो रहा तैयार

राममंदिर के प्रथम तल पर श्रीराम दरबार की स्थापना का काम भी जल्द शुरू होने वाला है। प्रथम तल पर स्थापित होने वाले राम दरबार की डिजाइन प्रख्यात चित्रकार वासुदेव कामत तैयार कर रहे हैं। वासुदेव कामत ने ही रामलला के विग्रह का स्वरूप फाइनल किया था। इसके अलावा मंदिर परिसर में एक ऑडिटोरियम का भी निर्माण कराया जाएगा।

राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रथम तल पर जल्द ही रामदरबार की स्थापना का काम शुरू करने को लेकर होमवर्क किया जा रहा है। प्रथम तल के निर्माण का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है, केवल फिनिशिंग शेष रह गई है। रामदरबार में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुहन व हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की जाएगी। डिजाइन फाइनल होने के बाद मूर्तियों का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र में गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह निर्णय बैठक में लिया गया है, इस पर सहमति भी बन चुकी है। प्रतिमा का निर्माण जुलाई से शुरू हो जाएगा।

500 लोगों के बैठने की होगी व्यवस्था
श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया है कि मंदिर परिसर में एक ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। इसका निर्माण कार्य 15 दिनों के बाद शुरू हो जाएगा। ऑडिटोरियम में 500 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। इसके अलावा ऑडिटोरियम में बाहर से आने वाले साधु-संतों के लिए आवासीय व्यवस्था भी होगी। इसका नक्शा तैयार हो गया है। अभी मिट्टी की क्षमता की जांच यानी स्वायल टेस्टिंग हो रही है। ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इसका निर्माण राजकीय निर्माण निगम करेगी।

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परकोटे में होंगे श्रीहरि के सभी अवतारों के दर्शन
राममंदिर में 800 मीटर लंबे एक बाहरी दीवार का भी निर्माण किया जा रहा है जिसे परकोटा कहा जाता है। यह परकोटा परिसर की सुरक्षा का भी काम करेगा। परकोटे का निर्माण मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। परकोटे में छह देवी-देवताओं के मंदिर भी बनाए जाने हैं, जिनकी डिजाइन तैयार की जा रही है। वहीं परकोटे की दीवारों पर 100 म्यूरल यानी भित्तिचित्र भी बनाए जाएंगे। इन भित्ति चित्रों की स्क्रिप्ट साधु-संतों के सुझाव के पर तैयार की गई है। म्यूरल का काम भी वासुदेव कामत के निर्देशन में होगा। बताया गया कि म्यूरल में श्री हरि के सभी दस अवतारों का दर्शन होगा। साथ ही हर एक अवतारों में उन्होंने समाज को क्या संदेश दिया इसको दर्शाने का प्रयास रहेगा। इसके अलावा रामकथा प्रसंगों पर आधारित भित्तिचित्र भी परकोटे की भव्यता बढ़ाएंगे।


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