कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए छोटी टीम को बड़ी जिम्मेदारी देगी। प्रदेश कांग्रेस की ओर से नई कार्यकारिणी के लिए भेजी गई नामों की सूची के आधार पर हाईकमान ने टीम का खाका तैयार कर लिया है। उत्तराखंड के दौरे पर आ रहीं प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा पीसीसी की घोषणा कर सकती हैं।
कांग्रेस में पीसीसी के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 2021 से पीसीसी में कोई बदलाव नहीं किया गया। हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर चेहरे तो बदले लेकिन कार्यकारिणी जस की तस रही। 2017 और उसके बाद हुई विधानसभा व लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को 2027 के चुनाव से सत्ता वापसी की उम्मीदें हैं। इस उम्मीद पर पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी उत्तराखंड में सक्रिय नजर आ रहा है लेकिन पार्टी के सामने हार का सूखा खत्म करने के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं।
पीसीसी में वरिष्ठ नेताओं के नामों पर संतुलन बनाना आसान नहीं
पिछले कई माह से पीसीसी गठन की कवायद चल रही है। अभी तक टीम का एलान नहीं हुआ है। देरी की वजह पीसीसी की छोटी टीम भी मानी जा रही है। जबकि वरिष्ठ नेताओं ने पीसीसी में अलग-अलग पदों के लिए नामों की सूची दी है। ऐसे में पीसीसी में वरिष्ठ नेताओं के नामों पर संतुलन बनाना आसान नहीं है। पार्टी नेताओं की निगाह भी पीसीसी पर टिकी है। इसके बाद ही कांग्रेस की चुनाव रणनीति को धार मिलेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार 17 व 18 जून को उत्तराखंड के दौरे पर आ रहीं प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा पीसीसी की घोषणा कर सकती है।









