आर्टेमिस-2 मिशन- नासा का आर्टेमिस 2 मिशन सुरक्षित धरती पर पहुंचा, प्रशांत महासागर में उतरे क्रू के सदस्य

Spread the love

 

 

नासा के चंद्र मिशन आर्टेमिस-2 के चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। 10 दिन के सफल अभियान के बाद उनका ओरियन अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में उतरा। यह लैंडिंग स्थानीय समय अनुसार रात 8:07 बजे और भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल की सुबह 5:37 बजे हुई। कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास हुई इस लैंडिंग का सीधा प्रसारण भी किया गया।

आधी सदी बाद ऐतिहासिक चंद्र यात्रा का समापन
यह आधी सदी से ज्यादा समय बाद इंसानों की पहली चंद्र यात्रा का समापन था। चार सदस्यीय दल के लिए यह एक ऐतिहासिक वापसी रही। मिशन के दौरान उन्होंने चंद्रमा के उस हिस्से को देखा, जिसे पहले कभी इंसानों ने नहीं देखा था। साथ ही उन्होंने पूर्ण सूर्य ग्रहण का भी अनुभव किया।

तेज रफ्तार वापसी और चुनौतीपूर्ण पल
कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन तेज रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण में दाखिल हुए। उनकी गति आवाज की गति से 33 गुना थी। उनका ओरियन कैप्सूल ‘इंटेग्रिटी’ स्वचालित तरीके से समुद्र में उतरा। वापसी के दौरान कैप्सूल बेहद गर्म गैसीय परत से घिर गया और कुछ मिनटों के लिए संपर्क भी टूट गया। इस दौरान सुरक्षा कवच पर सबकी नजर थी, जिसे बहुत ज्यादा तापमान सहना था।

बचाव टीम पहले से तैयार थी
सैन डिएगो तट के पास बचाव दल पहले से तैनात था। जहाज और हेलीकॉप्टर मौके पर मौजूद रहे। 1972 के बाद यह पहला मौका है, जब इस तरह चंद्र मिशन से वापसी हुई है। अंतरिक्ष यान बेहद तेज गति से लौटा। लेकिन धीरे-धीरे रफ्तार कम करते हुए सुरक्षित समुद्र में उतर गया।

चंद्र अभियानों के नए दौर की शुरुआत
यह मिशन 1 अप्रैल को फ्लोरिडा से प्रक्षेपित किया गया था। इसने चंद्र अभियानों के नए दौर की शुरुआत की है। इसे भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी ठिकाना बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह मिशन चंद्रमा पर उतरा नहीं। लेकिन इसने दूरी का नया रिकॉर्ड बनाया। अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तक पहुंचे।

और पढ़े  घुसपैठ पर नकेल: शुभेंदु सरकार ने BSF को दी 27 किमी जमीन, 18 किमी में लगाए जाएंगे कंटीले तार

 

लंबी दूरी का रिकॉर्ड
नासा के अनुसार, इस मिशन ने गहरे अंतरिक्ष में मानव अभियान की वापसी को मजबूत किया है। अंतरिक्ष यात्रियों ने करीब 2.48 लाख मील की यात्रा की और सबसे दूर के बिंदु पर 2.52 लाख मील तक पहुंचे। यह उपलब्धि अपोलो-13 के पुराने रिकॉर्ड से भी आगे निकल गई।

भविष्य के मिशनों के लिए अहम कदम
अधिकारियों के मुताबिक, यह 10 दिन का अभियान अंतरिक्ष यान और रॉकेट की क्षमता को परखने के लिए किया गया था। इसमें चंद्रमा के पास से गुजरना भी शामिल था, जो आने वाले अभियानों के लिए बेहद जरूरी है।

नासा की अधिकारी डॉ. लोरी ग्लेज ने कहा कि यह सफलता दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार कर रही है। अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने कहा कि यह उपलब्धि पुराने अभियानों की विरासत को आगे बढ़ाती है और अंतरिक्ष खोज के नए दौर की शुरुआत का संकेत है। आर्टेमिस-2 मिशन को चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


Spread the love
  • Related Posts

    Relations: मार्को रूबियो ने की जयशंकर से मुलाकात, भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी पर कही बड़ी बात

    Spread the love

    Spread the loveअमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच रविवार को हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। एस. जयशंकर और मार्को रूबियो के…


    Spread the love

    पाकिस्तान के क्वेटा में आत्मघाती हमला, 10 से ज्यादा की मौत, रेलवे ट्रैक के पास हुआ जोरदार धमाका

    Spread the love

    Spread the loveपाकिस्तान के क्वेटा में एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है। इस हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल…


    Spread the love