रामनगरी में धमाका: 1 घर..18 माह और दो धमाके, मां-पत्नी, तीन मासूम बच्चों समेत आठ के उड़े चीथड़े, पूरा परिवार खत्म

 

रामनगरी अयोध्या में भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव के एक मकान में हुए धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान की एक-एक ईंट बिखर गई। देर रात तक मलबे की तलाश में पुलिस की टीम डॉग स्क्वायड की मदद से जुटी रही। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी की स्थिति रही। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर देर रात तक डटी रही। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कैंप कर रखा है।

पूराकलंदर थाना क्षेत्र के पगलाभारी गांव में पिछले साल भी रामकुमार गुप्त के घर पर विस्फोट हुआ था। इसमें दो मंजिला मकान मलबे में तब्दील हो गया था। इस घटना में चक्की पर आटा लेने आई गांव की ही एक लड़की के साथ रामकुमार की मां और पत्नी की मौत हुई थी। 

घटना के बाद गांव की आक्रोशित महिलाओं ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किया था। गांव वाले बताते हैं कि इससे पहले भी तीन बार रामकुमार के घर पर विस्फोट हो चुका था। वर्ष 2024 में हुई घटना के बाद रामकुमार ने माना था कि वह पटाखे का कारोबार करता है। एक साथ पटाखे खरीदकर घर पर रख लेता था और उसकी बिक्री करता था।

 

पगलाभारी गांव में 13 अप्रैल 2024 को भी इसी रामकुमार गुप्ता के घर में विस्फोट हुआ था। विस्फोट में दो मंजिला मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया था। रामकुमार ने मकान में आटा चक्की लगा रखा था। पड़ोस के मौर्या का पुरवा गांव निवासी रामकुमार कोरी की बेटी प्रियंका (19) आटा लेने पहुंची थी। विस्फोट के बाद मकान के मलबे में दबने से उसकी मौत हो गई थी।
मकान मालिक रामकुमार, उनकी मां शिवपता (65), पत्नी बिंदु (25), रामकुमार के बच्चे ईशा (9), लव (6) और यश (4) झुलस गए थे। अगले दिन रामकुमार की मां शिवपता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के छठे दिन रामकुमार की पत्नी बिंदु गुप्ता की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने हादसे की वजह अवैध पटाखों का भंडारण बताया था। हालांकि, मकान मालिक ने सिलिंडर फटने की बात कही थी। लेकिन, पुलिस को छानबीन में सिलिंडर के टुकड़े नहीं मिले थे।

100 मीटर दूर गिरे दरवाजे और खिड़कियां

पिछले साल की घटना के बाद से रामकुमार मधुपुर मार्ग पर गांव के बाहर मकान बनाकर रह रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि राम कुमार गांव छोड़कर सड़क पर घर न बनाया होता और यह धमाका गांव में हुआ होता तो कई घर चपेट में आ जाते।

धमाका इतना जोरदार था कि काफी दूर तक लोगों को इसकी आवाज सुनाई दी। मकान के दरवाजे और खिड़कियां 50 से 100 मीटर की दूरी पर जा गिरे। प्रशासन और पुलिस के अफसरों की मौजूदगी में दो जेसीबी से मलबा हटाकर खोजबीन जारी है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है।
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पांच दिन के भीतर दो घटनाएं… छह की मौत

बीकापुर और पूरा कलंदर थाना क्षेत्र में पांच दिन के भीतर धमाके के साथ दो मकान धराशायी हुए। दोनों घटनाएं थाना से कुछ ही दूरी पर हुईं। दोनों घटनाओं में छह जानें चली गईं। बीकापुर कोतवाली के सामने जाना बाजार रोड पर पांच अक्तूबर को एक मकान धमाके की आवाज के साथ भरभराकर गिर गया था। इसमें श्रवण यादव नामक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे।

हालांकि, उस दौरान पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि मकान काफी जर्जर है और उसकी छत में सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया था। इस वजह से मकान गिर गया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से नमूने एकत्र किए थे, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या सिलिंडर के टुकड़े नहीं मिले थे। लेकिन चर्चा थी कि श्रवण के मकान में प्रवेश करते ही विस्फोट हुआ था।

 

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