राम पथ के चौड़ीकरण की जद में आ रहे अलग-अलग प्राचीन भवनों की अपनी अलग कहानी है। इसी कड़ी में बाबूबाजार मोहल्ले में स्थित पुरुषोत्तम मंदिर भी चौड़ीकरण के दंश से प्रभावित है। विडम्बना यह है कि इस मंदिर के सर्वराहकार महंत राजकिशोर दास भवन का बैनामा करने के लिए तैयार है लेकिन बैनामा नहीं हो पा रहा है। यही नहीं मंदिर के आगे किरायेदारों ने चौड़ीकरण की जद में आए हिस्से को तोड़ भी डाला है। उधर ध्वस्तीकरण अभियान में लगे जिला प्रशासन के अधिकारियों का कारवां अश्वमेघ यज्ञ के अश्व की तरह आगे बढ़ता जा रहा है।
नयाघाट से शुरु हुआ यह अभियान तुलसी उद्यान, बाबूबाजार व शास्त्रत्त्ीनगर होते हुए श्रृंगार हाट पहुंच चुका है। इस बीच जेसीबी, हाईवा व पोकलैंड जैसे भारी भरकम मशीनों को देखकर डरे-सहमे व्यापारी खुद अपनी-अपनी दुकानों पर हथौड़ा चला रहे है। उन्हें डर है कि यदि मशीनों से तोड़फोड़ हुई तो उनके हिस्से की अवशेष भाग को भी क्षति पहुंचेगी और वह बेदखल हो सकते है।
दूसरी ओर भवन स्वामी अधिकतम हिस्से को ध्वस्त कराने का दबाव प्रशासन पर बना रहे है।
इस कश्मकश में हो रहे विवाद में पुलिस को दखल देना पड़ रहा है लेकिन अफसर इस लक्ष्य पर कायम है कि जैसे भी चौड़ीकरण के लिए चिन्हित हिस्सा हट जाए और जमीन खाली हो जाए
रामपथ चौड़ीकरण के लिए तेज हुआ ध्वस्तीकरण
रामपथ चौड़ीकरण के लिए तेज हुआ ध्वस्तीकरण
रामपथ पर चौड़ीकरण के समय होती तोड़फोड़
विद्युत आपूर्ति बहाल होने में लगेगा समय
मालूम हो ध्वस्तीकरण का अभियान जिन क्षेत्रों में चल रहा है, उन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद करा दी जा रही है क्योंकि दुर्घटना की आशंका है। वहीं आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। इस बारे में विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता का कहना है कि जब तक मलबा हट नहीं जाता है तब तक पैनलों की जांच नहीं हो पाएगी। उन्होंने जहां-जहां पैनल सुरक्षित होंगे, वहां तो आपूर्ति बहाल हो जाएगी लेकिन जहां टूटफूट गये होंगे तो वहां समय लगेगा।
खाते में नहीं पहुंचा आरएण्डआर
राम पथ पर ध्वस्तीकरण अभियान भले गति पकड़ चुका है लेकिन पीड़ितों के खाते में आर एण्ड आर (जीवन निर्वाह राशि) के भुगतान में खासा विलंब हो रहा है। इसके कारण अफवाहों को बल मिल रहा है। यही कारण है कि नयाघाट क्षेत्र में एक परिवार ने अपने आपको सभी सदस्यों के साथ कमरे में कैद कर लिया। फिलहाल उन्हें भरोसा दिलाया गया कि दो दिन के अवकाश के कारण देर हो गया है।









