आईटी पार्क क्षेत्र निवासी रवींद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके सगे भांजे सिद्धार्थ बख्शी उर्फ हनी ने उन्हें एक निवेश की योजना बताई थी। बताया था कि वह एक नया कारोबार शुरू कर रहा है। इसमें काफी फायदा होने वाला है। कई लोगों ने उसके साथ निवेश किया है। सगे भांजे की इन बातों पर विश्वास कर उन्होंने सिद्धार्थ को करीब 85 लाख रुपये तो ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसे बाद पांच लाख रुपये चेक और 20 लाख रुपये नकद माध्यम से दे दिए। कुछ समय बाद सिद्धार्थ ने रवींद्र सिंह की संपत्तियों की पॉवर ऑफ अटॉर्नी भी अपने नाम कर ली। रवींद्र सिंह को पता चला कि इन संपत्तियों में से कुछ उसने बेच भी दी।
कुछ समय बाद जब उन्होंने हिसाब मांगा तो वह टाल मटोल करने लगा। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ ने यह योजना उनके बड़े भाई सुरेंद्र सिंह को भी बताई थी। सुरेंद्र सिंह से भी सिद्धार्थ ने 55 लाख रुपये ले लिए। आरोप है कि सिद्धार्थ ने लाभ तो छोड़ो मूल में से भी एक रुपये नहीं लौटाया। इस मामले में उन्होंने वर्ष 2022 में पुलिस को शिकायत की थी लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। अब उन्होंने न्यायालय से गुहार लगाई तो न्यायालय के आदेश पर राजपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। एसओ राजपुर पीडी भट्ट ने बताया कि इस मामले में आरोपी और पीड़ित के बैंक खातों व अन्य दस्तावेज के आधार पर जांच की जा रही है।