वासियों को सावधान होने की जरूरत है। ठंड के दिनों में हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ा है।
ठंड के शुरुआत के साथ ही हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ जाता है।ठंड बढ़ने के साथ हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में वृद्धि का दर्ज की जा रही है।उल्लेखनीय हो कि हाल के वर्षो में तीस से पचास वर्ष के उम्र के लोगों को इसतरह बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।जबकि पहले हार्ट अटैक व ब्लड प्रेशर का खतरा 30 से 50 वर्षों के लोगो को अधिक होता है।पूर्णिया जिला के कसबा प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के डॉ अशोक कुमार सिंह का कहना है कि ठंड के दिनों में कुछ बातों को ध्यान में रखे तो खतरा कुछ हद तक कम हो जाता है।अटैक होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुचाए।अगर अचानक तेज सिर दर्द हो या उलटी आ जाए ,बेहोशी छाने लगे तो हेमरेज की आशंका ज्यादा बढ़ जाता है।ज्यादा ठंड होने के वजह से ब्रेन हेमरेज में खून की नली ब्रेन के अंदर या बाहर फट जाती है।ब्रेन हेमरेज भी पैरालिसिस होता है।इसमें खून का थक्का जम जाती है।और इसे हटाने के लिए सर्जरी करनी पड़ती है।दूसरी तरफ रक्त वाहिकाओं में किसी रुकावट की वजह से दिमाग को खून का सफ्लाई में कोई रुकावट आ जाए या सफ्लाई बन्द हो जाए,तो दिमाग की कोशिकाओं में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी आने लगती है।ओर कुछ मिनटों में में मस्तिष्क की कोशिकाएं मृत होने लगती है।ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण जब भी शरीर के किसी एक भाग कमजोरी लगने लगें ओर बोलने में जुबान लड़खड़ाने या बोली बन्द हो जाए ,देखने मे दिक्कत हो या फिर चलने -फिरने में परेशानी हो तो मरीजों को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।पुरुषों को इसकी खतरा ज्यादा होता है।उम्र बढ़ने और शुगर व बीपी होने पर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण अचानक सिर दर्द होना,चलने में मुश्किल ,समझने व बोलने में मुश्किल होना।मांश पेशियों को विकृत हो जाना।हाथों को सुन्न हो जाना या लटक जाना।जानकर इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क कर जरूरी इलाज कराने की सलाह दे रहे है।







