यूपी में समाजवादी पार्टी क्या टूटने जा रही है। बीते कुछ समय से भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेता लगातार सपा में टूट की बात कह रहे हैं। ओपी राजभर के बाद डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि सपा के 25 से 27 सांसद टूटने वाले हैं। सपा की इन टूट की बातों पर अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया भी दी है। इस बीच यूपी कैबिनेट में मंत्री ओपी राजभर लगातार सपा के टूटने की बात दोहरा रहे हैं। उन्होंने रामगोपाल वर्मा का जिक्र करते हुए कहा था कि उनके नेतृत्व में सपा के सांसद बागी होने जा रहे हैं। इस पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
हम नहीं तोड़ रहे हैं, पर टूट रहे हैं सपा के सांसद
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सुभासपा अध्यक्ष और पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर में इन दिनों खूब जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में राजभर ने बुधवार को भी सपा अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा अध्यक्ष से गठबंधन तोड़ने के कारणों पर जवाब मांगा है। उन्होंने सपा अध्यक्ष को घेरते हुए कहा कि मैने तो सिर्फ आपसे यही कहा था कि एसी से जरा बाहर निकलकर ज़मीन पर आइये, थोड़ी मेहनत कर लीजिए। आप तो एसी से निकलने को तैयार नहीं थे और नाराज होकर तोड़ लिया समझौता। हमें सम्मान मिला तो हम पिछड़े, शोषितों और वंचितों की आवाज़ उठाने भाजपा के साथ आए और बस उसी काम में लगे हैं। यहां एसी पीसी वाले कोई हैं नहीं।
राजभर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अखिलेश पर निशाना साधते हुए लिखा है कि अभी तो उन्होंने सिर्फ राम गोपाल यादव की सिर्फ चिट्ठी का जिक्र किया है। अगर खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट के पापियों का नाम लिख देंगे तो भूचाल आ जाएगा। उन्होंने लिखा है कि आखिर रामगोपाल यादव किसे बचाने के लिए सौदा कर रहे हैं? उन्होंने तंज कसते हुए लिखा है कि सपा अध्यक्ष की लंका में आग लगने वाली है और वे दूसरों की चिंता कर रहे हैं। सुभासपा अध्यक्ष ने अखिलेश को पुराना मित्र बताते हुए लिखा है कि मित्रता के चलते पहले ही बता दे रहे हैं कि बचा सकते हैं तो सपा को बचा लीजिए। अपने सांसदों व विधायकों के हाथों में कुरान व गीता देकर शपथ करा लीजिए, सभी सच उगल देंगे। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर इशारा भी किया है कि विभीषण आपके ही साथ घूम रहा है, जो आपकी लंका में आग लगवाकर ही रहेगा।









