धर्मनगरी अयोध्या में ज्येष्ठ माह के पावन बड़े मंगलवार के अवसर पर रामपथ स्थित श्री लाडली प्रसाद मंदिर श्रद्धा, सेवा और भक्ति का केंद्र बन गया। मंदिर के महंत बीरेंद्र दास महाराज, भाजपा अयोध्या मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी तथा वरिष्ठ समाजसेवी गिन्नी मौर्या के नेतृत्व में आयोजित विशाल लस्सी भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं, रामभक्तों एवं राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य ने जहां लोगों को राहत प्रदान की, वहीं सनातन संस्कृति की सेवा परंपरा को भी सशक्त रूप से आगे बढ़ाने का कार्य किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान हनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित संत-महात्माओं और गणमान्य लोगों ने बजरंगबली की आराधना कर विश्व शांति, राष्ट्र कल्याण, सामाजिक समरसता एवं जनमानस के सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा और जय श्रीराम तथा जय बजरंगबली के उद्घोषों से माहौल गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर महंत बीरेंद्र दास महाराज ने कहा कि बड़े मंगलवार का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान का अवसर नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना को आत्मसात करने का भी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रभु हनुमान के आदर्श हमें निस्वार्थ भाव से समाज और मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देते हैं। श्री लाडली प्रसाद मंदिर सदैव धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और आगे भी यह परंपरा निरंतर जारी रहेगी।

भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी ने कहा कि अयोध्या की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि सेवा और संस्कारों की राजधानी के रूप में भी स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि जब समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ मिलकर सेवा कार्यों में सहभागी बनते हैं, तब सामाजिक एकता और सद्भाव को नई ऊर्जा मिलती है। मुकेश तिवारी ने स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया तथा आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
वहीं वरिष्ठ समाजसेवी गिन्नी मौर्या इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। उन्होंने भंडारे की संपूर्ण व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए श्रद्धालुओं की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। गिन्नी मौर्या ने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली की कृपा से समाज सेवा का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में श्रद्धालुओं को शीतल लस्सी उपलब्ध कराना मानव सेवा का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी गिन्नी मौर्या की सेवा भावना और सामाजिक सक्रियता की सराहना की।
कार्यक्रम में चतुर्भुजी मंदिर के महंत राजकुमार दास महाराज, पलटू दास अखाड़ा के अधिकारी बाबा मुन्ना दास, सीता निवास के महंत अवनीश दास महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी संतों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे धर्म और समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
इसके अलावा बिनोद श्रीवास्तव, कृष्णा पाण्डेय, सचिन चौरसिया, रोहित श्रीवास्तव, मोहित गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु कार्यक्रम में उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में तन्मय दास, हरीश पाठक, प्रत्युष उपाध्याय, रामनारायण मौर्या (भाई जी), राकेश कसेरा एवं श्याम सुंदर कसेरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने श्रद्धालुओं के स्वागत, प्रसाद वितरण एवं व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में अपना योगदान दिया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के दर्शन-पूजन के बाद लस्सी का प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। आयोजन के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और सेवा की भावना विशेष रूप से देखने को मिली।
बड़े मंगलवार के अवसर पर आयोजित यह विशाल लस्सी भंडारा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज सेवा, मानवता और सनातन संस्कृति के मूल्यों का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। महंत बीरेंद्र दास महाराज के आध्यात्मिक मार्गदर्शन, भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी की सक्रिय सहभागिता और वरिष्ठ समाजसेवी गिन्नी मौर्या की सेवा भावना से सम्पन्न यह आयोजन श्रद्धालुओं के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने आयोजकों के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे अयोध्या की सेवा परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।







