Bihar: 13 साल की नौकरी में करोड़ों की संपत्ति! BDO के घर EOU रेड में खुला राज,9 घंटे तक चली छापेमारी

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बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने केवटी प्रखंड के BDO चंद्रमोहन पासवान के घर 9 घंटे तक चली तलाशी के बाद अकूत संपत्ति का बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2013 में ग्रामीण विकास विभाग में नौकरी जॉइन करने के बाद मात्र 13 वर्षों में बीडीओ ने अपनी आय से लगभग 82 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। बुधवार को EOU की टीम ने बीडीओ, उनकी पत्नी और बच्चों के नाम से संचालित 10 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। इसके अलावा 8 एलआईसी पॉलिसियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनका सालाना प्रीमियम करीब 2 लाख रुपये बताया जा रहा है। पत्नी के नाम पर भारी मात्रा में आभूषण खरीद से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। बीडीओ ने बहादुरपुर प्रखंड में दो मंजिला मकान और एक मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स, जबकि मधुबनी जिले के बाबूबरही में आवासीय मकान और मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स बना रखा है, जिसकी कीमत का मूल्यांकन कराया जा रहा है। उनके खातों में जमा लाखों रुपये भी फ्रीज किए गए हैं। जांच में एक बोलेरो और स्विफ्ट डिजायर कार के कागजात भी मिले हैं।

 

विवादों से रहा पुराना नाता
केवटी में पदस्थापन के बाद से ही BDO चंद्रमोहन पासवान विवादों में रहे हैं। उन पर कभी सरकारी राशि की गलत तरीके से निकासी तो कभी प्रखंड कार्यालय में लगे कीमती पेड़ों की लकड़ी कटवाकर पलंग और घरेलू सामान बनवाने जैसे आरोप लगे हैं।

 

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
इकबाल अंसारी नामक व्यक्ति ने करीब चार महीने पहले बिहार आर्थिक अपराध इकाई में बीडीओ की अकूत संपत्ति को लेकर सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच के बाद EOU ने बीडीओ के खिलाफ कांड संख्या 9/26 दर्ज की।

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भाई के घर और पैतृक आवास पर भी छापेमारी
EOU की टीम ने मधुबनी जिले के खजौली स्टेशन अधीक्षक और बीडीओ के बड़े भाई विश्वमोहन पासवान के घर पर भी तलाशी ली। इसके अलावा बाबूबरही स्थित पैतृक गांव बौंसी और पूर्वी बाजार स्थित जीटी मेमोरियल हेल्थ केयर में भी छापेमारी की गई। पैतृक आवास से अन्य व्यक्तियों के नाम के दस्तावेज, डायरी और रेलवे से इस्तीफा देने से संबंधित आवेदन बरामद किए गए हैं।

ससुराल तक पहुंची जांच टीम
EOU की टीम ने सीतामढ़ी स्थित बीडीओ के ससुराल में भी तलाशी ली। जांच में सामने आया कि नानपुर (सीतामढ़ी), विभूतिपुर (समस्तीपुर) और केवटी (दरभंगा) में पदस्थापन के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई। आवेदन और सेवा पुस्तिका में पहचान संबंधी दस्तावेजों में हेराफेरी तथा बेनामी संपत्ति खरीदने के लिए पहचान छिपाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

मां, भाई और पत्नी के नाम पर संपत्ति का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार बीडीओ ने मां और भाई के नाम पर संपत्ति अर्जित कर उन्हें आश्रित सूची से बाहर रखा। आरोप है कि बहादुरपुर में पत्नी के नाम पर संपत्ति, बाबूबरही में भाई के नाम पर जमीन, पत्नी की जमीन पर साले के नाम से जीटी मार्ट का संचालन किया जा रहा था। इसके अलावा बाबूबरही में जीटी हेल्थ मेमोरियल अस्पताल के संचालन और दरभंगा एयरपोर्ट व एम्स क्षेत्र के आसपास पत्नी और साले चुन्नू चौधरी के नाम पर जमीन खरीदने के भी आरोप हैं।

2025 में केवटी में हुआ था पदस्थापन
बताया जा रहा है कि समस्तीपुर से तबादले के बाद वर्ष 2025 में चंद्रमोहन पासवान ने दरभंगा के केवटी प्रखंड कार्यालय में योगदान दिया था।

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