केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद से लेकर अभी तक पैदल मार्ग पर 13 घोड़े-खच्चरों की मौत हो चुकी है। यह मौतें गौरीकुंड, भीमबली व लिंचोली में हुई हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार इसकी वजह पेट दर्द और गैस बताई जा रही है। हरी घास और अपेक्षित गर्म पानी न मिलने से जानवरों को गैस बन जाती है जिसे ब्लॉट कहा जाता है।








