उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 जून की तिथि नियत की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से पूछा कि इस मामले में क्या प्रगति है। जिस पर महाधिवक्ता ने कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में कार्यवाही चल रही है। कोर्ट ने सरकार से कहा कि आधे घंटे में कोर्ट को अवगत कराएं कि आखिरकार कोर्ट के आदेश का अनुपालन क्यों नही हो रहा। इस पर कोर्ट ने सरकार को आधे घंटे का समय देते हुए कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति करने वाली कमेटी की अगली बैठक कब होगी जिस पर सुनवाई पर सरकार ने स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि उसकी नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी की पहली बैठक जून पहले सप्ताह में होने वाली है। कोर्ट ने सर्च कमेटी द्वारा लिए गए निर्णयों से अवगत कराने को कहा है।
पूर्व में कोर्ट ने तीन माह का समय देते हुए लोकायुक्त को नियुक्त करने को कहा था। एक वर्ष बीत जाने के बात भी अभी तक लोकायुक्त की नियुक्ति नही हो पाई। आज तक सर्च कमेटी की बैठक नही हो पाई। जबकि इनकी नियुक्ति करने के लिए वर्ष 2021 में जनहित याचिका दायर की गई थी। हुई सुनवाई पर कोर्ट ने कहा था कि एक वर्ष पहले भी सरकार की तरफ से लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए समय मांगा गया था। अभी तक लोकायुक्त की नियुक्ति नही हो पाई अब और समय मांगा जा रहा है।मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार ने अभी तक लोकायुक्त की नियुक्ति नही की। जबकि संस्थान के नाम पर वार्षिक दो से तीन करोड़ रुपए खर्च हो रहा है। याचिका में कहा कि कर्नाटक व मध्य प्रदेश में लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा रही है लेकिन उत्तराखंड में तमाम घोटाले हो रहे हैं। हर एक छोटे से छोटा मामला उच्च न्यायालय में लाना पड़ रहा है।






