बांदा निवासी पीड़िता ने बताया था कि वह बिजली का काम करने वाले पति संग साकेत नगर स्थित गोदाम में रहती थी। परिचित युवक मोहित निगम और जुनैद नौकरी का लालच देकर गाजियाबाद ले गए। वहां मेडिकल के नाम पर कई जांचें कराई गईं।
बातचीत के दौरान महिला ने आरोपियों को किडनी बदलवाने की बात करते सुना, जिससे उसे संदेह हुआ कि यह गिरोह किडनी तस्करी में शामिल है। विरोध करने पर उसे 40 लाख रुपये का लालच दिया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने 17 फरवरी को कोलकाता निवासी टी राजकुमार राव समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
अवैध तरीके से की गई किडनी की इस खरीद-फरोख्त का सुराग लगने पर सोमवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अस्पतालों में छापा मारा। पुलिस ने दलाल, अस्पताल संचालक, डॉक्टर दंपती समेत दस लोगों को हिरासत में लिया है।
एक अस्पताल का संबंध आईएमए के एक बड़े पदाधिकारी से बताया जा रहा है। कल्याणपुर के आवास विकास तीन निवासी शिवम अग्रवाल पर आरोप है कि उसने उत्तराखंड के युवक को दस लाख में किडनी बेचने का ऑफर दिया था।
बताया था कि उसके रिश्तेदार को किडनी की जरूरत है। रुपयों की जरूरत के चलते युवक ने हामी भर दी। रावतपुर स्थित एक अस्पताल में किडनी निकाली गई। दलाल शिवम ने इसी अस्पताल में भर्ती मुजफ्फरनगर की महिला मरीज (35) के परिजन को 90 लाख रुपये से अधिक में किडनी बेच दी।
सूत्रों के मुताबिक किडनी बेचने वाले युवक को छह लाख रुपये नकद और 3.5 लाख का चेक दिया। किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद दोनों मरीजों को 24 घंटे तक इसी अस्पताल में रखा गया इसके बाद दोनों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
तीन अस्पतालों में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का छापा
किडनी रैकेट की जांच कर रही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार रात तीन अस्पतालों में छापा मारा। इनमें कल्याणपुर आवास विकास एक नंबर स्थित प्रिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, केशवपुरम रोड स्थित आहूजा हॉस्पिटल, पनकी कल्याणपुर रोड स्थित मेडलाइफ हॉस्पिटल शामिल हैं।
टीम ने किडनी संबंधी रोगों के भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी जुटाई। छापे की इस कार्रवाई को किडनी रैकेट से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इसमें से कुछ अस्पताल किडनी के अवैध ट्रांसप्लांट मामले में शामिल हो सकते हैं। कोई भी पुलिस अधिकारी खुलकर आरोपियों की गिरफ्तारी या भूमिका के बारे में बोलने से बच रहे हैं।
50 हजार रुपये न मिलने पर की पुलिस से शिकायत
सूत्रों के अनुसार दस लाख में सौदा तय होने के बाद डोनर को सिर्फ 9.5 लाख रुपये दलाल शिवम ने दिए थे। 50 हजार के लिए शिवम उसे टरका रहा था। इसकी शिकायत पीड़ित ने पुलिस से की। पुलिस ने जांच की तो किडनी रैकेट की परतें खुलती चली गईं। देर रात क्राइम ब्रांच ने युवक के बताए दोनों अस्पतालों में छापा मारा। जांच में वहां उसके भर्ती होने के सबूत मिले हैं।
क्राइम ब्रांच ने दोनों हॉस्पिटल के संचालक, डॉक्टर दंपती और दलाल शिवम को हिरासत में लिया। वहीं, किडनी लेने वाली मरीज को भी आवास विकास के एक अस्पताल में शिफ्ट करा दिया गया था। पुलिस ने उस हॉस्पिटल में भी जांच की। वहां से पांच अन्य लोगों को उठाकर पूछताछ की जा रही है।