पहाड़ से लेकर भाबर तक गर्मी से लोग बेहाल है। ऐसा लग रहा है मानो सूरज आग बरसा रहा है। बुधवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो मई महीने में पिछले दस वर्षों का सबसे अधिक तापमान है।
बुधवार को तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय शहर की अधिकतर सड़कें सूनी नजर आईं। उमस और लू के थपेड़ों के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। स्कूल से लौटते बच्चों को भी तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में मजबूरन घर से बाहर निकलने वाले लोग चेहरे और सिर को कपड़े से ढंके दिखे। सड़क किनारे स्थित पेड़ों की छांव ने लोगों को राहत दी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले सात दिनों तक तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।
रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित…
भीषण गर्मी के चलते बुधवार को रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित होता नजर आया। मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों में भी दोपहर में भीड़भाड़ नजर नहीं आई। कारोबारी दुकानों के भीतर पंखे, कूलर और एसी की हवा लेते रहे। काठगोदाम, तिकोनिया, मुखानी समेत अन्य सड़कें दोपहर में तवे जैसी तपती रही। कई गलियों में दुकानदारों ने दोपहर में एक बजे के करीब दुकानों के शटर गिरा दिए।
पिछले दिनों हुई बारिश के कारण इस बार गर्मी कुछ देरी से शुरू हुई है लेकिन अब आने वाले एक हफ्ते तक गर्मी कम होने के आसार नहीं हैं। तपिश बढ़ेगी और गर्म हवाएं चलती रहेंगी। ऐसे में गर्मी से बचने के उपाय अपनाना जरूरी है।– डा. नरेंद्र सिंह मौसम वैज्ञानिक एरीज नैनीताल






