विकास और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में 2 लाख नई नौकरियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही, हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय और एक इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का भी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू करने का भी वादा किया।
BJP असम में 96-100 सीटें जीत सकती है, कांग्रेस-यूडीएफ पीछे
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सीटों के अनुमान का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि BJP को राज्य में 96 से 100 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस 15-16 सीटों पर सिमट सकती है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यूडीएफ को लगभग 5-6 सीटें, राइजोर दल को 1 या 2 सीटें, और असम जनता पार्टी (AJP) को 0 या 1 सीट मिलने की संभावना है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि BJP की सरकार ने पिछले वर्षों में विकास और स्थिरता के लिए जो काम किया है, वही जनता के समर्थन में परिलक्षित हो रहा है।
भाजपा का मुख्य एजेंडा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भाजपा ने असम में पिछले दस वर्षों में जो विकास कार्य किए, वह कांग्रेस 60 वर्षों में नहीं कर पाई। भाजपा का घोषणापत्र असम के लिए एक दशक की परिवर्तन यात्रा पर आधारित है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों में किए गए ठोस कामों का जिक्र किया गया है।
असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य असम को सुरक्षित और विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने बताया कि घोषणापत्र तैयार करने के लिए पूरे राज्य से 2.45 लाख सुझाव प्राप्त किए गए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पिछले दस वर्षों में असम में स्थिरता और विकास लाने में सफल रही है, जबकि कांग्रेस का फोकस लंबी अवधि के विकास पर कभी नहीं रहा।
कांग्रेस पर निशाना
सीतारमण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उत्तर-पूर्व क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीतियों के कारण असम को 32 साल तक AFSPA के तहत रहना पड़ा, जबकि भाजपा शासन में राज्य में शांति स्थापित हुई और विकास के रास्ते खुल गए।
9 अप्रैल को होगा मतदान
गौरतलब है कि असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा। मतगणना 4 मई को निर्धारित है। भाजपा, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। भाजपा का लक्ष्य एनडीए की तीसरी लगातार जीत सुनिश्चित करना है, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रही है।