बंगाल: दूसरा नोटिस देने अभिषेक बनर्जी के घर पहुंचे CID के अफसर, सुकांत मजूमदार ने भी साधा TMC नेता पर निशाना

श्चिम बंगाल पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की एक टीम सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित कालीघाट रोड वाले आवास पर पहुंची। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से सोमवार को पूछताछ किए जाने की आशंका थी। यह कुछ टीएमसी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़ा मामला है।

 

अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर 12 बजे तक इस मामले में पूछताछ के लिए दक्षिण कोलकाता में भवानी भवन में सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होना था। लेकिन वह पेश नहीं हुए। उन्होंने सीआईडी को ईमेल भेजकर 15 दिन का समय मांगा। उन्होंने इसके पीछे 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले के बाद अपनी शारीरिक स्थिति को कारण बताया।

सीआईडी अफसर को अभिषेक बनर्जी को आज दूसरा नोटिस देने के लिए उनके घर पहुंचे हैं। उन्हें आठ जून को दोपहर 12 बजे पश्चिम बंगाल के सीआईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है।

 

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
इससे पहले सोमवार दोपहर को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह जांच तब शुरू हुई, जब टीएमसी के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष रतींद्र बोस के कार्यालय को बताया कि विपक्ष के नेता, दो उपनेता और मुख्य सचेतक के नामों के प्रस्ताव में कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक सीआईडी की टीम कालीघाट रोड स्थित आवास के मुख्य द्वार के बाहर ही मौजूद थी और अंदर से दरवाजा बंद था। बताया जा रहा है कि निजी सुरक्षा कर्मियों ने सीआईडी टीम को सूचित किया कि दरवाजा तभी खोला जाएगा जब अभिषेक बनर्जी इसकी अनुमति देंगे।

और पढ़े  सोनीपत: 2 करोड़ की रंगदारी के बाद कार्यालय पर बरसाई गोलियां, पीछा करते हुए पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़

भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने साधा निशाना
वहीं दूसरी ओर, इस मामले को लेकर भी खूब सियासत हो रही है। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने सोमवार कहा कि अभिषेक बनर्जी ने समन से बचने की कोशिश की है लेकिन उन्हें आखिरकार पेश होना ही पड़ेगा।

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, मैंने पहले ही कहा था कि ऐसा प्लान बन रहा है। जब तृणमूल के कुछ नेता अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए, तो शक हुआ। आज उन्होंने समन से बचने की कोशिश की है। लेकिन उन्हें आखिरकार पेश होना होगा। वह कब तक इससे बच सकते हैं?

 

क्या हुआ था मामला?
दरअसल, टीएमसी के दो विधायकों ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष के नेता के रूप में शोवनदेब चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के लिए पारित पार्टी प्रस्ताव में उनके जाली हस्ताक्षर बनाए गए हैं।

  • Related Posts

    आज PM मोदी का जन्मदिन:- उपराष्ट्रपति-गृह मंत्री समेत तमाम लोगों ने दी बधाई,भारत में उत्सव जैसा माहौल

    आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उनकी जन्मभूमि वडनगर (गुजरात) से लेकर मौजूदा राजनीतिक कर्मभूमि वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक उत्सव जैसा माहौल है। उनके समर्थकों के अलावा देश के…

    एशियन गेम्स 2026: जापान-मलयेशिया जैसे देश भी क्रिकेट में हिस्सा लेंगे? सभी के स्क्वॉड-फॉर्मेट और देखें शेड्यूल

    एशियाई खेलों को शुरू होने में अब बस कुछ ही दिनों का वक्त रह गया है। वैसे तो इन खेलों में हर स्पर्धा दिलचस्प होती है, लेकिन फैंस को बेसब्री…