कानपुर के गूबा गार्डेन में पिता-पुत्र के बिना सुरक्षा उपकरण के सेफ्टी टैंक में सफाई के लिए उतर गए, इस कारण उनकी जान चली गई। दोनों जब टैंक में उतरे, तो सीवर सफाई कराने के लिए सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। अपार्टमेंट का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था। सीवर का ढक्कन खुलने के कुछ ही देर बाद कार्य शुरू कर दिया गया था।
- प्रशिक्षण के बिना टैंक में न उतरें, खतरे का आकलन करें।
- इमरजेंसी प्लान पहले से तैयार रखें। पास में फर्स्ट एड किट रखें।
- टैंक में उतरने से पहले गैस डिटेक्टर से जांच करें।
- ऑक्सीजन स्तर 19.5 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए।
- टैंक को खोलकर हवा लगने दें, ब्लोअर या पंखे से जहरीली गैस बाहर निकालें ।
- गैस मास्क या सेल्फ कॉटैंड ब्रीथिंग एपरेटस, सेफ्टी हेलमेट, रबर के दस्ताने, जूते, सेफ्टी बेल्ट और लाइफ लाइन (रस्सी) पहनना जरूरी है।
- केवल स्पार्क फ्री लाइट और उपकरण का ही इस्तेमाल करें।
- टैंक में उतरने के बाद मोबाइल, माचिस आदि का उपयोग न करें।
- लंबे समय तक अंदर न रहें, बीच-बीच में बाहर आकर आराम करें।
जानें पूरा मामला
कल्याणपुर के अपार्टमेंट में बुधवार तड़के सीवर टैंक की सफाई करने उतरे पिता जावेद और पुत्र आकिब की जहरीली गैस से मौत हो गई। दोनों एक अन्य रिश्तेदार इरफान के साथ अंदर घुसे थे। पहले चरण की सफाई के बाद इरफान नीचे नहीं उतरे, जबकि पिता-पुत्र फिर से दाखिल हो गए। टैंक में किसी तरह की हरकत न होने पर इरफान ने शोर मचाकर अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मियों को जानकारी दी।
शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनाें को सौंपा
पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ ने दोनों को बाहर निकाला। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनाें को सौंप दिया। पुलिस के मुताबिक गूबा गार्डन स्थित आनंद अपार्टमेंट में सीवर टैंक की सफाई का कार्य होना था। ठेकेदार ने कर्नलगंज तकिया पार्क निवासी इरफान को काम दिया था। इरफान मंगलवार की रात करीब 2:30 बजे कर्नलगंज निवासी ससुर जावेद (46) और साले आबिद (25) के पास पहुंचे।
जहरीली गैस निकलने से बेहोश हो गया
लगभग तीन बजे तीनों अपार्टमेंट के सीवर टैंक के पास पहुंचे। तीनों चैंबर के रास्ते से 20 फीट गहरे टैंक में दाखिल हुए। पहले चरण की सफाई कर बाहर निकल आए। करीब चार बजे जावेद और आबिद फिर से टैंक में घुसे। इरफान रस्सी और पाइप पकड़ने के लिए ऊपर ही खड़े रहे। आकिब नीचे की ओर चला गया और टैंक में जमा कचरा साफ करने लगा। अचानक जहरीली गैस निकलने से वह चपेट में आकर बेहोश हो गया।
कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर मचाया शोर
जावेद बेटे को बेहोश देख उसे बचाने के लिए गहराई में उतर गए। वह भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। इरफान ने ससुर और साले को आवाज दी। कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर आशंका हुई तो शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मी मौके पर आ गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। टीम पिता-पुत्र को निकाल कर बाहर ले आई। एंबुलेंस से दोनों को हैलट अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा के नहीं थे कोई इंतजाम
- सीवर सफाई कराने के लिए सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।
- सीवर टैंक के अंदर अंधेरा था। लाइट की व्यवस्था भी नहीं थी।
- अपार्टमेंट का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था।
- सीवर चका ढक्कन खुलने के कुछ ही देर बाद कार्य शुरू कर दिया।
सफाई के दौरान हुई पिता-पुत्र की मौत बेहद दुखद घटना है। अपार्टमेंट में सुरक्षा के लिए किसी तरह के इंतजाम नहीं किए गए थे। सफाई कार्य मैन्युअली कराया जा रहा था। परिजनों की तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी। -एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम








