पूरे एक महीने इंतजार के बाद यह खबर प्रकाशित की जा रही है। फरवरी के पहले दिन से इस खबर पर काम हो रहा था। अंतिम में 9 फरवरी को जिम्मेदारों से बात की गई। सुधार का मौका मांगा गया। फिर भी खेल चलता रहा। सुधार तो वह दो-तीन दिनों में हो सकता था, लेकिन कभी बिहार विधानमंडल सत्र तो कभी त्योहार का बहाना। लेकिन, अब यह सब बहाने खत्म। इसलिए, अब बिहार राज्य आवास बोर्ड में चल रहे खेल का खुलासा।










