झारखण्ड / गुमला : जान को जोखिम में डालकर चलने को मजबूर है जनता

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ये आपके राज्य की सड़क है,? कब बनेगी सड़क आम जनता का बड़ा सवाल है। ? उड़ी में शहीद हुए नयमन कुजूर के समय में सरकार वादा किया था लेकिन आज तक नही बना.  जिला के रायडीह प्रखंड के परसा, सिकोई, कांसीर, ऊपरखटंगा पंचायत व गुमला शहर के कुछ हिस्से में रहने वाली 25 हजार आबादी वर्षों से इस सड़क की जर्जर स्थिति से परेशान हैं. जान हथेली पर रख कर सफर करते हैं.वही तस्वीर देखने जे बाद सरकार और प्रसासन की उदासीनता का पोल खोल रही है। शहर के करमटोली, बांसडीह से परसा होते हुए कांसीर तक 26 किमी पक्की सड़क आज जर्जर स्थिति में है. पूरा सड़क कीचड़ में तब्दील हो गया है।

वि/ओ_1_इधर सड़क जर्जर हैं के कारण लोग जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं वही बड़ा हदस्ता का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन के अनुसार पीडब्ल्यूडी गुमला (पथ निर्माण विभाग) ने 26 किमी सड़क बनाने के लिए 46 करोड़ रुपये का प्राक्कलन बनाकर विभाग को सौंप दिया है.

वि/ओ_2_ जब रोड की ख़राब होनो की जानकारी भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मिशिर कुजूर को हुई तो उन्होंने रोड की स्थिति की जानकारी लेने के बाद सरकार धयान आकृष्ट करने की बात कही और जल्द नही बनता है तो सडक से लेकर सदन तक आन्दोलन करने की बात कही |

वि/ओ_3_ जब पी डब्लू डी के कनीय अभियंता से जानकारी लिया तो बताया  की तकनीकी स्वीकृति भी मिल गयी है. परंतु प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल पा रही है. जिस कारण से कच्ची मिट्टी की सड़क को पक्कीकरण करने का मामला फंसा हुआ है. करमटोली से लेकर कांसीर तक लगभग 25 हजार आबादी प्रभावित है. वर्तमान में सड़क की जो स्थिति है. यहां चलना मुश्किल है. जगह-जगह गड्ढे हैं. जहां संभल कर सफर करना पड़ता है. ग्रामीणों ने सड़क बनाने की मांग की. लेकिन जिले के वरीय अधिकारियों ने भी इस सड़क को बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखायी. जनहित को देखते हुए उक्त सड़क को बनवाने की पहल कर रही है.
-रामेश्वर साह कार्यपालक अभियंता (पथ निर्माण विभाग गुमला)

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बी/ एफ -बहरहाल जो भी सरकार की तसवीर सरकार की कथनी और करनी की दावे की पोल खोल रही है।ग्रामीण की समस्या को देखते हुए सरकार को इस ओर कदम उठाने की जरूरत है। नही तो जनता गोलबंद होकर जवाब देगी


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