चम्पावत : कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर चल रही तैयारियां

Spread the love

जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार देर सायं बैठक की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखे। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कोरोना से लडने के लिए की गई व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे तथा सुनिश्चित करे की सभी मशीनें तथा उपकरण कार्यरत हों। उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए जरूरी सावधानियां को लेकर संवेदनशील रहें तथा लोगो को जागरूक करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना टेस्टिंग को बढ़ाए जाने पर खास फोकस करे। तथा जिन क्षेत्रों से ज्यादा पॉजिटिव केस आ रहे है उन पर खास निगरानी रखें। उन्होंने कहा अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट, बच्चों के लिए तैयार किए गए खास आईसीयू तथा वेंटिलेटर आदि का कार्यरत रहना सुनिश्चित करें। कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करते रहे। उन्होंने कोविड काल में जरूरी दवाओं के वितरण तथा पोषण कार्यक्रम को लेकर भी सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि बचे हुए कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को कहा कि यदि किसी जिले में किसी मशीन, उपकरण तथा कॉरोना से लडने के लिए खास बजट की जरूरत हो तो इसके लिए शासन को इसकी सूचना दें।
जनपद चम्पावत की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी विनीत तोमर ने कहा कि जिले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त है तथा कहा की यदि कोरॉना की तीसरी लहर आती है तो जिला प्रशाशन उससे निपटने को मुस्तैद है।


Spread the love
और पढ़े  नई टिहरी- होमस्टे व्यवसाय को नए नियमों के दायरे में लाया गया, पहले नक्शा, फिर पंजीकरण
  • Related Posts

    2026 चारधाम यात्रा- तीर्थयात्रियों की संख्या में दिनों-दिन बढ़ोतरी, 21 दिनों में 89,380 ने कराया पंजीकरण

    Spread the love

    Spread the loveचारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है। 21 दिनों में 89,380 तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया। इसमें करीब 1073 तीर्थयात्रियों का धर्मशालाओं…


    Spread the love

    उत्तराखंड: जेल प्रबंधन और क्षमता में सुधार से कम हुई कैदियों की भीड़, 5 साल पहले था हाल-बेहाल

    Spread the love

    Spread the love     पांच साल पहले उत्तराखंड की जेलें देश में सबसे अधिक भीड़ वाली थीं अब उनमें बेहद सुधार हुआ है। वर्ष 2021 में क्षमता के सापेक्ष…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *