राममंदिर: अयोध्या छोड़ कहां गए गोपाल राव, क्या संघ ने बुलाया? या फिर कुछ और, पूरे ट्रस्ट की व्यवस्था बदलेगी?

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राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी को शुरुआती जांच में वित्तीय लेनदेन में कई खामियां मिली हैं। जांच टीम अब इन गड़बड़ियों के तथ्यों का सत्यापन कर रही है। उधर, एसआईटी की पूछताछ के बीच निर्माण सहायक गोपाल राव अयोध्या से बाहर चले गए हैं। उनके कर्नाटक या दिल्ली बुलावे की चर्चा है। वहीं, एसपी सुरक्षा बदले गए हैं। पीएसी में तैनात विजय शंकर मिश्रा शनिवार को एसपी सुरक्षा के पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंच गए हैं।

एसआईटी ने बृहस्पतिवार को चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की थी, खासकर मंदिर प्रबंधन के वित्तीय लेनदेन के संबंध में। साथ ही, चढ़ावा चोरी के मामले में उनसे और विस्तृत जानकारी ली थी। चर्चा यह भी है कि एसआईटी ने जमीन खरीद-फरोख्त के मामले को भी जांच में शामिल किया है, जिसको लेकर सवाल-जवाब किए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सिर्फ चढ़ावा चोरी व वित्तीय लेनदेन की तफ्तीश की जा रही है। एसआईटी शुक्रवार सुबह करीब दस बजे मंदिर पहुंच गई थी।

एक बार फिर चंपत राय और अनिल मिश्रा से पूछताछ कर ऑडिट संबंधी दस्तावेज मांगे। वहां के अन्य कर्मचारियों ने दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिनकी छानबीन की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट ने जो ऑडिट कराया था, उसमें कई तरह की गड़बड़ियां मिल रही हैं।
इसका क्या असर पड़ा? क्या ऑडिट में किसी तरह का खेल या हेरफेर किया गया? इन सवालों के जवाब एसआईटी तलाश रही है। उस अंडरट्रांसफर एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे शुक्रवार को रिलीव हो गए। 25 मई को उनका ट्रांसफर आदेश जारी हुआ था। 

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आखिर कहां गए गोपाल

प्रकरण बेहद संवेदनशील है। अयोध्या पुलिस के साथ एसआईटी भी जांच कर रही है। एसआईटी ट्रस्ट के पदाधिकारियों व वहां से जुड़े लोगों से भी सवाल जवाब करने में जुटी है। इस बीच अचानक गोपाल राव का बाहर जाना कई सवाल खड़े करता है। क्या उनको इसी मामले में संघ ने बुलाया है? या फिर किसी और काम से गए। ये पता नहीं चल सका है।

सीए भी जांच की जद में, उनसे पूछताछ की चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट का पूरा लेखा-जोखा तीन सीए देखते हैं, जिनमें बिहार के चंदन राय, राजस्थान के नरपत थोपिया व लखनऊ के अक्षय शामिल हैं। चूंकि ऑडिट संबंधी जांच एसआईटी कर रही है, लिहाजा जांच की जद में ये सीए भी हैं। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ने इनसे संपर्क कर पूछताछ की है। इसकी चर्चा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

बैंक अधिकारियों से पूछताछ, दो-तीन संदिग्ध

एसआईटी ने एसबीआई बैंक के मैनेजर समेत 10 कर्मियों से लंबी पूछताछ की है। बैंक लेनदेन का पूरा हिसाब-किताब कब्जे में लिया है। इसमें दो से तीन लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। बैंक अधिकारी भी सवालों के जवाब देने में परेशान होते नजर आए। सूत्रों का कहना है कि अब बैंक कर्मियों पर शिकंजा कसना तय है।

एक मैनेजर भी रडार पर

सूत्रों के मुताबिक, एक बैंक मैनेजर अनिल मिश्रा के घर पर किराए पर रहते थे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कहीं किसी तरह की कोई मिलीभगत तो नहीं रही। क्योंकि गणना में सबसे अधिक जिम्मेदारी बैंक की रहती थी, लेकिन बैंक पूरी तरह से बेफिक्र था। यह लापरवाही थी या किसी साजिश के तहत ऐसा हुआ, इसकी जांच जारी है।

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