ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर हमला
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका के हवाई हमले के बाद अब ईरान ने भी पलटवार किया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के बीच समन्वय स्थापित करने वाले केंद्र खातम अल अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम अल फिकर ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा है कि अगर युद्धविराम का उल्लंघन किया गया तो करारा जवाब दिया जाएगा।
युद्धविराम तोड़ने पर अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर फिर किया हमला : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी विमानों ने एक बार फिर ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों तथा तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने फिर से युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है।
ट्रंप ने कहा, अमेरिकी विमानों ने युद्धविराम समझौते का फिर से उल्लंघन करने पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया है। ऐसा लगता है कि वे कभी नहीं सीखेंगे। उन्होंने आगे कहा कि एक समय ऐसा भी आ सकता है, जब अमेरिका के लिए संयम बरतना संभव नहीं होगा और उसे सैन्य कार्रवाई पूरी करनी पड़ेगी, जिसकी शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा हुआ तो इस्लामिक गणराज्य ईरान का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
टूटा युद्ध विराम…अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले
पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए अमेरिका-ईरान के बीच हुआ युद्ध विराम 11 दिन में ही टूट गया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने भी बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर ड्रोन हमले किए। दोनों पक्षों ने हमलों के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। इसके बाद होर्मुज में जहाजों की आवाजाही फिर ठप हो गई है।
अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने कहा, उसने बृहस्पतिवार को होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के जहाज एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमले के जवाब में ईरान पर हमले किए हैं। दक्षिणी ईरान में होर्मुज के करीब सिरिक क्षेत्र और केशम द्वीप पर भारी बमबारी की गई। इन हमलों में ईरानी मिसाइल, ड्रोन ठिकानों व तटीय रडार साइटों को नष्ट कर दिया गया। एजेंसी
ईरान ने होर्मुज में जहाजों के गुजरने के लिए 48 घंटे पहले आवेदन देने की व्यवस्था लागू की है। इसे न मानने वाले जहाजों को निशाना बनाया गया।
ओमान तट के पास मार्ग विस्तार से नाराज ईरान
जहाजों को ज्यादा रास्ता देने के लिए ओमान तट के पास समुद्री मार्ग के विस्तार से ईरान भड़क गया है, क्योंकि ईरान जलमार्ग पर टैक्स वसूलना चाहता है। ईरान का कहना है, समझौता उसे होर्मुज में यातायात पर नियंत्रण देता है, पर अमेरिका ने इसे खारिज कर दिया है।
इस्राइल के साथ समझौते में हिजबुल्ला को हथियार छोड़ने की शर्त, लेकिन इसे लागू करना मुश्किल: नईम कासिम
हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने शनिवार को उस फ्रेमवर्क समझौते की आलोचना की, जिस पर इस्राइल और लेबनान ने एक दिन पहले कई महीनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए हस्ताक्षर किए थे। उनके बयान से इस समझौते के प्रभावी होने पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शुक्रवार को वाशिंगटन में हुए इस समझौते में लेबनान से इस्राइली सेना की वापसी को हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण से जोड़ा गया है, जिसे हिजबुल्ला ने खारिज कर दिया है। इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध शुरू होने के बाद से लेबनान और इस्राइल के बीच हुए कई संघर्षविराम समझौते जमीन पर लागू नहीं हो सके। मार्च से अब तक इस्राइली हमलों में लेबनान में 4,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। हिजुबल्ला ने ईरान युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद इस्राइल पर हमला किया था।
शनिवार को जारी बयान में हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि उनका संगठन तब तक लड़ाई जारी रखेगा, जब तक इस्राइल लेबनान छोड़ने के लिए मजबूर नहीं हो जाता। समझौते की घोषणा के बाद बेरूत की सड़कों पर हिजबुल्ला समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
समझौते के बावजूद लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि दक्षिणी शहर नबातियेह के पास इस्राइली ड्रोन हमला हुआ। एजेंसी ने यह भी कहा कि इस्राइली सेना ने तीन लेबनानी और तीन सीरियाई मजदूरों को रिहा कर दिया, जिन्हें शुक्रवार को दक्षिणी गाँव ऐन अरब के पास हिरासत में लिया गया था।






