फ्रांस ने जंगल की भीषण आग से निपटने के लिए शनिवार को भारी मात्रा में आग बुझाने वाला केमिकल (फ्लेम रिटार्डेंट) गिराने के लिए एक विशाल सैन्य कार्गो विमान भेजा। इसके साथ ही, ‘टूर डी फ्रांस’ के आखिरी चरण में बदलाव किया गया ताकि सुरक्षा कर्मियों को आग बुझाने के अभियान में लगाया जा सके। इस भीषण आग के कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।
फ्रांस में विशाल A400M ट्रांसपोर्ट विमान ने दक्षिण-पश्चिम के सूखे जंगलों के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए गेरूए रंग का फ्लेम रिटार्डेंट गिराया। जमीन पर दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में जुटे रहे। अधिकारियों को आशंका है कि आग वाइन के लिए मशहूर शहर बोर्डो तक पहुंच सकती है।
टूर डी फ्रांस का आखिरी चरण क्यों छोटा करना पड़ा?
रेस आयोजकों और पेरिस पुलिस ने रविवार को तीन सप्ताह तक चलने वाली टूर डी फ्रांस के 21वें और अंतिम चरण को छोटा करने का फैसला किया। दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में लगी दो बड़ी आग के कारण राहत एवं बचाव सेवाओं पर बढ़ते दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। अब साइकिल रेस राजधानी पेरिस के पश्चिम में स्थित थॉइरी से शुरू होने के बजाय सीधे पेरिस शहर के भीतर आयोजित होगी। रेस अब 89 किलोमीटर के सर्किट पर होगी, जबकि पहले इसका मार्ग 133 किलोमीटर निर्धारित था। आयोजकों ने बताया कि सुरक्षा टीम का एक हिस्सा जंगल की आग से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में लगाया जाएगा।
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने बताया कि शनिवार दोपहर हवा की दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर बदलने की संभावना है, जिससे आग की लपटें बोर्डो के और करीब पहुंच सकती हैं। उन्होंने इसे ‘लंबी और बेहद कठिन लड़ाई’ बताते हुए कहा कि दमकलकर्मी खाइयां खोद रहे हैं, फ्लेम रिटार्डेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं और आग को रोकने के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आग शहर से करीब 30 किलोमीटर पश्चिम में थी और रातभर में इसकी तीव्रता कुछ कम हुई। गिरोंडे क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में लगी आग शुक्रवार को ‘फायरस्टॉर्म’ में बदल गई। हालांकि दमकलकर्मियों को कुछ सफलता मिली है, लेकिन आग अभी भी बेहद खतरनाक बनी हुई है। सरकार ने राहत अभियान में सैनिकों को तैनात किया है और जहरीले धुएं से बचाव के लिए 15 लाख फेस मास्क मंगवाए हैं।
अधिकारियों ने आग और बोर्डो शहर के बीच बसे इलाकों को खाली कराने का आदेश जारी किया। इसमें शहर के पश्चिमी उपनगरों के अलावा कई कस्बे और गांव भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नु ने इस आग को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि शुक्रवार को गिरोंडे की आग इतनी विकराल हो गई थी कि उसने अपनी हवाएं स्वयं पैदा करनी शुरू कर दी थीं। उन्होंने बताया कि सैकड़ों सैनिकों को राहत अभियान में लगाया गया है और जहरीले धुएं से प्रभावित लोगों तक विशेष ब्रीदिंग मास्क पहुंचाए जा रहे हैं। बोर्डो प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर एक प्रदर्शनी केंद्र में ठहराया है। शहर के मेयर ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर यहां 10 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था की जा सकती है। बोर्डो एयरपोर्ट खुला है, लेकिन बस और ट्राम सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। गिरोंडे की प्रीफेक्ट सोफी ब्रोकास ने बताया कि मोबाइल फोन पर विशेष अलर्ट भेजकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। आग अब तक करीब 140 घरों को पूरी तरह नष्ट कर चुकी है।
फ्रांसीसी सेना का विशेष रूप से संशोधित A400M विमान इस अभियान में सबसे प्रभावी हथियार बनकर सामने आया है। यह कम से कम 18 अन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों के साथ लगातार पानी और फ्लेम रिटार्डेंट गिरा रहा है। गृह मंत्री नुनेज़ ने बताया कि सभी विमान गिरोंडे क्षेत्र में तैनात हैं और धुएं से भरे आसमान में लगातार अभियान चला रहे हैं।
आग इतनी भयावह क्यों हो गई?
तेज गर्मी और जलवायु परिवर्तन के लंबे असर ने फ्रांस और स्पेन में जंगल की आग को बेहद विनाशकारी बना दिया है। स्पेन के दमकलकर्मियों का कहना है कि आग इतनी तेजी और तीव्रता से फैली कि कई स्थानों पर उसका सीधे सामना करना लगभग असंभव हो गया। फ्रांस के अटलांटिक तट के पर्यटन स्थलों पर आग पहुंचने के बाद कई लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। मैड्रिड के पश्चिम में स्थित एल टिएम्ब्लो के निवासी जेवियर ऑर्गनिस्टा ने कहा, ‘हमने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। जब आग ने पूरे कस्बे को चारों ओर से घेर लिया और निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, तब सभी पड़ोसी मिलकर आग को रोकने की कोशिश करने लगे। यह बेहद दुखद है।’
स्पेन ने मैड्रिड के पश्चिम में लगी दो बड़ी आग पर काबू पाने के लिए 2,600 फायरफाइटर, पुलिसकर्मी और अन्य आपातकालीन कर्मचारियों को तैनात किया है। इनके साथ 19 विमान और हेलीकॉप्टर भी राहत अभियान में जुटे हैं। फ्रांस ने गिरोंडे क्षेत्र में 1,400 फायरफाइटर और लैंड्स क्षेत्र में सैकड़ों अतिरिक्त दमकलकर्मी तैनात किए हैं। इस दौरान कई दमकलकर्मी घायल भी हुए। लोगों में अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजती रही।इस वर्ष समय से पहले और लगातार पड़ी भीषण हीटवेव ने पूरे यूरोप में तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया, जिससे जंगल और झाड़ियां आग पकड़ने के लिए बारूद के ढेर में बदल गईं।
1.30 लाख हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि इस वर्ष अब तक 1.30 लाख हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं, जबकि पिछले दशक में इसका औसत लगभग 1 लाख हेक्टेयर रहा है। उन्होंने कहा कि शनिवार को मौसम में आए सुधार से दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने का बेहतर अवसर मिला। मैड्रिड क्षेत्रीय प्रशासन के अनुसार, हवा की गति और तापमान में कमी आने से आग की तीव्रता भी कुछ घटी है। शनिवार को हुई मौत की घटना वालेंसिया प्रांत के मैनिसेस में हुई, जो जंगल की आग से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है।
कौन-कौन से देश मदद के लिए आगे आए हैं?
फ्रांस और स्पेन की मदद के लिए इटली, ग्रीस, नीदरलैंड, पुर्तगाल, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, स्वीडन, स्लोवाकिया, जर्मनी और स्विट्जरलैंड ने पानी गिराने वाले विमान और हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए हैं या उन्हें तैनात करने की तैयारी कर रहे हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को देश में भीषण जंगल की आग के बीच भरोसा जताया कि फ्रांस इस संकट से उबर जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आग ने देश की कड़ी परीक्षा ली है, लेकिन इस कठिन समय में फ्रांस एकजुट होकर खड़ा है। मैक्रों ने दमकलकर्मियों, सैन्य बलों, नागरिक सुरक्षा एजेंसियों, जेंडार्मेरी, पुलिस, किसानों और उद्यमियों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सभी लोग मिलकर लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने नागरिक और सैन्य संसाधनों की पूरी ताकत झोंक दी है। आग बुझाने वाले कनाडेयर विमान, डैश विमान, वाटर-बॉम्बर हेलीकॉप्टर, देशभर से भेजी गई अतिरिक्त टीमें और पहली बार सैन्य परिवहन विमान A400M भी राहत एवं बचाव अभियानों में लगाया गया है।
‘हजारों हेक्टेयर जंगल जल चुके’
मैक्रों ने बताया कि गिरोंद, लांद, ऑक्सितानी, वार, ओत-आल्प और ओत-कोर्से जैसे क्षेत्र आग से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इस आपदा में हजारों हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं, कई घर तबाह हो गए हैं, आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों, विस्थापित लोगों, स्थानीय मेयरों और प्रशासनिक अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी और पुनर्निर्माण तथा राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते। मैक्रों ने रोमानिया, क्रोएशिया, जर्मनी, पुर्तगाल, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, चेक गणराज्य और स्लोवाकिया का आपातकालीन सहायता भेजने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यही यूरोप की असली एकजुटता है। उन्होंने स्पेन, इटली, ग्रीस और अन्य पड़ोसी देशों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की, जो इसी तरह जंगल की भीषण आग का सामना कर रहे हैं।







