वेनेजुएला में भूकंप से फिर दहशत, कम होने लगी दबे लोगों के बचने की उम्मीदें
वेनेजुएला में दो दिन पहले आए दो विनाशकारी भूकंपों के बाद शनिवार को भी 4.9 की तीव्रता का झटका आया। हालांकि राजधानी कराकास व माराके में इन झटकों से कोई बड़ा नुकसान होने की जानकारी नहीं है लेकिन तीसरे दिन चले बचाव कार्य में अब लोगों के जीवित बचने की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1430 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की संख्या 3200 से ज्यादा है। वहीं शनिवार तक लापता लोगों की संख्या बढ़कर करीब 69,000 हो गई।
कई इलाकों में राहत टीमों की कमी के चलते लोग परिजन को ढूंढ़ने के लिए खुद ही हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। ला गुएरा प्रांत के सर्वाधिक प्रभावितक्षेत्रों में राहत कार्यों की धीमी गति के चलते लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। यहां भारी मशीनों की कमी और सरकारी मदद न के बराबर है। अंतरराष्ट्रीय मदद भी पहुंचना शुरू ही हुई है लेकिन उसमें भोजन, दवाएं और टेंट जैसी चीजें हैं। मलबा हटाने की बड़ी मशीनें नहीं हैं। ला गुएरा में आठ-टावर वाले ह्यूगो शावेज हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के मलबे की भारी स्लैब हटाने के लिए क्रेन तक नहीं है, जबकि अंदर कई लोग फंसे हैं। एजेंसी
मलबे में अब भी जिंदगी की तलाश जारी: शुक्रवार की रात यहां 18 दिन के बच्चे को उसके मां के साथ सुरक्षित निकाला गया। इसी तरह नाजरेथ जिमेनेज के भाई-बहन व परिजन दोस्त मलबे में फंसे हैं। मलबे में अभी भी कई लोग जिंदा हैं लेकिन उनके बचने की उम्मीद कम है।
परिवार के 20 लोग मारे गए, 2 बच्चे दबे : ला गुएरा में ओमर रेयेस ने बताया कि परिवार के लगभग 20 सदस्य मारे जा चुके हैं और दो बच्चे मलबे में दबे हुए हैं। उसी मलबे में चलते हुए वह बोले, मैं इस जिंदगी में अकेला रह गया हूं। तीसरे दिन भी सभी जगह चीख-पुकार मची रही।
वेनेजुएला में फिर लगे भूकंप के झटके, 1430 पहुंची मरने वालों की संख्या
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के मध्य क्षेत्र में शनिवार को 4.1 तीव्रता का एक और भूकंप का झटका (आफ्टरशॉक) महसूस किया गया। इस सप्ताह की शुरुआत में आए दो विनाशकारी भूकंपों के बाद पहले से डरे हुए लोगों में इस नए झटके से फिर चिंता बढ़ गई है।
वेनेजुएला की भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्था ने बताया कि इस भूकंप का केंद्र ला गुआइरा शहर से लगभग 35 किलोमीटर पश्चिम में था। ला गुआइरा देश के मध्य तट पर स्थित एक प्रमुख बंदरगाह शहर है, जिसे बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों में भारी नुकसान होने के बाद आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है।
एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप जमीन से केवल पांच किलोमीटर की गहराई पर आया। कम गहराई पर आने वाले भूकंपों में जमीन ज्यादा हिलती है और इमारतों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी अधिक रहता है।
कराकास और आसपास के इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। कई लोग डर के कारण तुरंत इमारतों से बाहर निकल आए। यह झटका ऐसे समय आया है, जब बुधवार को आए दो बड़े भूकंपों से कई इमारतें ढह गई थीं, भूस्खलन हुआ था और सैकड़ों लोगों की जान गई थी।






