हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी विभागों में वर्षों से लगे उपनल संविदा कर्मचारियों को आदेश होने के बाद भी सरकार द्वारा नियमित नही करने, उन्हें चयनित वेतनमान नही दिए जाने तथा उनको दिए गए वेतन से जीएसटी काटे जाने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इस पर कोर्ट ने सरकार से स्पष्टीकरण पेश करने को कहा है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उपनल कर्मचारी संघ ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि नवंबर 2025 को कोर्ट की खंडपीठ की ओर से पारित आदेश का अनुपालन अभी तक राज्य सरकार की ओर से नही किया गया। जबकि कोर्ट ने अपने आदेश मे स्पष्ट किया था कि उपनल कर्मचारियों को पहले समान कार्य समान वेतन दिया जाए, उनके वेतन पर लगने वाले जीएसटी को न वसूला जाए और नियमितीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाए। लेकिन इस आदेश पर अब तक राज्य सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया।






