UP- अवध के कई जिलों में सुबह से आंधी-बारिश, बिहार-झारखंड व पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्सों में पहुंचा मानूसन

पश्चिमी विक्षोभ की वजह से प्रदेश में आंधी-पानी का असर देखने को मिला लेकिन अब इसका असर कमजोर पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में आंधी-बारिश का दायरा सिमटेगा और गर्मी एक बार फिर अपना असर दिखाएगी। हालांकि शनिवार की सुबह मौसम ने करवट ली। कानपुर- लखनऊ सहित अवध के कई जिलों में आंधी के साथ हल्की बरसात हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी प्रदेश में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। शनिवार से धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी और एक हफ्ते में चार से छह डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है।

 

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अभी तक पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल रहा था। इससे तापमान में भी कमी दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन शनिवार से फिर गर्मी बढ़ेगी। पिछले दो दिन के भीतर तापमान में गिरावट के साथ मौसम खुशगवार हो गया था। अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को दक्षिणी यूपी में बूंदाबांदी हो सकती है लेकिन बाकी जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा। तापमान में थोड़ी वृद्धि भी होगी जिससे गर्मी का अहसास होगा। इसके बाद के दह दिनों में तापमान 4-6 डिग्री तक बढ़ने के आसार हैं।

 

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बिहार-झारखंड व पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्सों में पहुंचा

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुक्रवार को अपनी प्रगति जारी रखते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, पश्चिम बंगाल, बिहार व ओडिशा और झारखंड के कुछ क्षेत्रों में दस्तक दे दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा 12 जून को हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, कलिंगपट्टनम, पारादीप, बारीपदा, पुरुलिया, धनबाद और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान परिस्थितियां मानसून के और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियों में भी तेजी आने के आसार हैं।

और पढ़े  UP: विधान परिषद की 11 सीटों पर 55 प्रतिशत मतदान, गोरखपुर- फैजाबाद मंडल टॉप पर

अल नीनो हुआ मजबूत, सामान्य से कम बारिश का जोखिम बढ़ा

मौसम विभाग के अनुसार, जून 2026 में अल नीनो सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में मानसून के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून–सितंबर) के दौरान अल नीनो मध्यम से मजबूत स्तर तक पहुंच सकता है। हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) सामान्य बना रहेगा। इसलिए इस वर्ष मानसून पर अल नीनो का प्रभाव देखने को मिल सकता है और वर्षा सामान्य से कम रहने का जोखिम भी बढ़ गया है। अल नीनो तब होता है जब प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इससे दुनिया भर के मौसम पर असर पड़ता है और भारत में अक्सर मानसून कमजोर पड़ जाता है। अल नीनो आमतौर पर भारत में वर्षा को कम कर सकता है। हालांकि केवल अल नीनो के आधार पर मानसून का अंतिम अनुमान नहीं लगाया जा सकता। जून 2026 में समुद्र का तापमान अल नीनो की सीमा से ऊपर पहुंच गया, इसलिए अब अल नीनो की स्थिति घोषित की गई है।

  • Related Posts

    MLC Election Results- उत्तर प्रदेश समेत 4 राज्यों में विधान परिषद चुनाव की मतगणना जारी

    उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना की प्रक्रिया चल रही है। लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में काउंटिंग होगी। परिणाम देर शाम तक आने…

    UP- चक्रवात की वजह से 28 से 31 अक्तूबर तक प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, सक्रिय हुई सरकार, अलर्ट घोषित

    चक्रवात ‘अर्णब’ के संभावित प्रभाव से उत्तर प्रदेश में 28 से 31 अक्टूबर के बीच बेमौसम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए…