रिस्पांस टाइम भी परखा
सीएम ने घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, डीजी अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से घटना की सूचना मिलने के बाद किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। कहा, आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी होंगे। सभी एजेंसियां अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए कदम उठाएं तथा संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें। बैठक में बताया गया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। उन्होंने दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं सुविधाओं की आवश्यकता हो, उन्हें उपलब्ध कराने में विलंब न किया जाए।
अलीगंज सेक्टर-डी स्थित बिल्डिंग में सोमवार को हुए अग्निकांड मामले में मंगलवार की सुबह एसआईटी के पहुंचने से पहले फाॅरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। फॉरेंसिक टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। छानबीन में प्रथमदृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने के संकेत मिले हैं।
अग्निकांड मामले की विवेचना अलीगंज थाने के अतिरिक्त निरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस ने सोमवार को ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए हैं। छह नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला, एनिमेशन सेंटर के संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेटशॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, नेटवर्किंग का काम करने वाले सुरेश कुमार, धीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला व अन्य शामिल हैं। इनमें चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। वीरेंद्र के परिवार के धीरेंद्र और सुरेंद्र की तलाश में दो टीमें गठित की गई हैं। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
इन बिंदुओं पर चल रही है जांच
पुलिस भवन संचालन, अग्नि सुरक्षा उपायों, फायर एनओसी, बिजली कनेक्शन व अन्य अनुमतियों के बारे में जांच कर रही है। इसके लिए एलडीए, फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत निदेशालय समेत अन्य विभागों से तकनीकी एवं अभिलेखीय रिपोर्ट मांगी गई है। सभी आरोपियों पर उनका उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। जेसीपी का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।