पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कामिनी 16वीं मंजिल से नीचे गिर गई। तेज आवाज सुनकर सोसाइटी के लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे। परिवार के लोग उसे लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए सूचना दी गई है।
कुछ समय पहले छोड़ दी थी बीपीओ की नौकरी
कामिनी मूलरूप से एटा की रहने वाली थी, जबकि उसका पति मंथन धीमान देहरादून का निवासी है। दोनों ने 11 जुलाई को शादी की थी। इसके बाद सेक्टर-108 स्थित डिवाइन मीडोज सोसाइटी के फ्लैट में रहने लगे थे। कामिनी पहले बीपीओ में नौकरी करती थी, लेकिन कुछ समय पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। मंथन निजी कंपनी में वीडियो एडिटर के रूप में काम करता है। पुलिस पूछताछ में मंथन ने बताया कि कामिनी पिछले कुछ समय से अवसाद में थी और उसका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, पुलिस ने जब इलाज से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह तत्काल कोई कागजात उपलब्ध नहीं करा सका।
कामिनी मूलरूप से एटा की रहने वाली थी, जबकि उसका पति मंथन धीमान देहरादून का निवासी है। दोनों ने 11 जुलाई को शादी की थी। इसके बाद सेक्टर-108 स्थित डिवाइन मीडोज सोसाइटी के फ्लैट में रहने लगे थे। कामिनी पहले बीपीओ में नौकरी करती थी, लेकिन कुछ समय पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। मंथन निजी कंपनी में वीडियो एडिटर के रूप में काम करता है। पुलिस पूछताछ में मंथन ने बताया कि कामिनी पिछले कुछ समय से अवसाद में थी और उसका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, पुलिस ने जब इलाज से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह तत्काल कोई कागजात उपलब्ध नहीं करा सका।
मायके पक्ष ने लगाया आरोप
कामिनी की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके मायके वाले भी नोएडा पहुंचे। परिजनों ने पति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कामिनी की मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कामिनी की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके मायके वाले भी नोएडा पहुंचे। परिजनों ने पति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कामिनी की मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






