प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बुधवार को सुभाषित शेयर किया है। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भारतीय के युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति भी बताया।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने संस्कृत का श्लोक भी एक्स पर पोस्ट किया, ‘चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।’ इस श्लोक का हिंदी अर्थ है- ‘जो व्यक्ति अपनी दृष्टि, विचारों, वाणी और कर्मों के माध्यम से लोगों का हृदय जीत लेता है, वह ही उनके विश्वास, सम्मान और सद्भाव का पात्र बनता है।’
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर लिखा गया था, ‘अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च। पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।। इस श्लोक का अर्थ है, ‘ये आठ गुण मनुष्य के जीवन को प्रकाशमान करते हैं। बुद्धि उसके मार्ग को स्पष्ट करती है, सदाचार उसके आचरण को पवित्र बनाता है और संयम उसे अनुशासित रखता है। ज्ञान उसे विवेक देता है, वीरता कठिन परिस्थितियों में अडिग रखती है और वाणी की कुशलता उसे समाज में सम्मान दिलाती है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना और उपकारों के प्रति कृतज्ञ रहना उसके व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं।’
इससे पहले प्रधानमंत्री की ओर से 7 अगस्त को सुभाषित शेयर किया गया था। तब पीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा था, ‘किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्। स्वभाव एवोन्नतचेतसां सतां परोपकारव्यसनं हि जीवितम्॥’






