सुप्रीमकोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका पर केंद्र सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े फर्जी कानून डिग्री धारकों की जांच की मांग की गई है। याचिका एक वकील राजा चौधरी ने दायर की है, जिस पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने सुनवाई की और केंद्र को नोटिस जारी किया।
याचिका में साफ किया गया है कि इसका उद्देश्य न्यायपालिका की आलोचना, लोकतांत्रिक असहमति, व्यंग्य या संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत संरक्षित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विरोध करना नहीं है। इसके बजाय, याचिका में संगठित व्यावसायिक शोषण, ट्रेडमार्क के व्यावसायिक इस्तेमाल, वायरल प्रसार, मीम के जरिए और एल्गोरिदम की मदद से अदालत की मौखिक कार्यवाही को डिजिटल कमोडिटी में बदलने का आरोप लगाया गया है।
सीजेआई की टिप्पणी से शुरू हुआ था आंदोलन
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ इस साल मई में एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में सामने आई थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों, खासकर युवा यूजर्स के बीच, इसे काफी लोकप्रियता मिली। इस ऑनलाइन आंदोलन ने बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन हासिल किया। यह आंदोलन 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में हुई कार्यवाही के बाद सामने आया। उस दौरान सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने बेरोजगार युवा वकीलों के वकालत के पेशे से दूर होकर सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर जाने को लेकर चिंता जताई थी। सीजेआई ने कहा था कि ऐसे युवा कॉकरोच की तरह समाज में परजीवी बन रहे हैं।






