दो नाबालिगों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, बुजुर्ग से दिलाया कमरा, वीडियो बनाया ताकि चुप रहे

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झारड़ा थाना क्षेत्र में एक मासूम बालिका के साथ दो नाबालिगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। चार दिन खौफ मे रहने के बाद पीड़िता ने चुप्पी तोड़ी और पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है।

 

यह है मामला
बताया जाता है कि यह वारदात 24 मार्च की है। पुलिस जांच में सामने आया कि दो नाबालिगों ने एक नाबालिग लड़की का न सिर्फ सामूहिक दुष्कर्म किया, बल्कि उसे डराने के लिए वीडियो भी बना लिया। इस घटना में गांव के ही बुजुर्ग और युवक ने सहयोग किया। घटना के बाद पीड़िता इतनी भयभीत थी कि उसने चार दिनों तक किसी को कुछ नहीं बताया। शनिवार को वह साहस जुटाकर अपने परिजनों के साथ झारड़ा थाना पहुंची, जहां उसने यह आपबीती सुनाई। झारड़ा टीआई आनंद भाबोर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट व वीडियो बनाने के कारण आईटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

 

 

टीआई भाबोर ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से वयस्कों को जेल और नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। जांच के बाद जल्द ही चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा।

यह हैं आरोपी

  • दो नाबालिग- उम्र करीब 17 वर्ष, बारी-बारी से किया दुष्कर्म।
  • 75 वर्षीय भंवर सिंह आंजना – आरोप है कि इस बुजुर्ग ने नाबालिग आरोपियों को दुष्कर्म करने के लिए अपने घर में जगह उपलब्ध कराई।
  • 57 वर्षीय नाथू स्वरूप- इसने आरोपियों की मदद की।
  • 22 वर्षीय राहुल- इसने वारदात के दौरान मोबाइल से वीडियो बनाया, ताकि पीडि़ता को डराया-धमकाया जा सके।
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वारदात के दौरान बाहर पहरा दे रहा था बुजुर्ग
थाना प्रभारी ने बताया कि वारदात के दौरान भंवर 75 वर्ष अपने साथी नाथू स्वरूप 57 वर्ष के साथ बाहर निगरानी कर रहा था। जबकि गांव के ही युवक राहुल 22 साल ने घटना का वीडियो बना लिया। मामले में पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपियों को पकड़ लिया है।

इन धाराओं मे हुई कार्रवाई
एसडीओपी जेंडन लिंगजर्पा ने बताया आरोपियों के खिलाफ थाना झारड़ा में धारा 64(1) 64(2) (m), 65(1) 75(1) 127(2) 351(3) BNS 5g, 5m, 51/6 पॉक्सो एक्ट 3(2) (v) SC ST एक्ट में केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है. जिसमें दो नाबालिग आरोपियों को उज्जैन के बाल संरक्षण गृह भेजा गया है, जबकि तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।


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