अयोध्या: तीर्थाटन पर आए असम के कर्मयोगियों को भा गई भगवान राम की नगरी

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से तीर्थाटन पर आए असम के चाय बागान कर्मयोगियों का दल अयोध्या की जीवंतता और भव्यता देखकर भाव विभोर हो उठा। यहां धार्मिक आभा, मंदिरों की दिव्यता और सरयू तट की सुंदरता ने श्रमिकों के मन में गहरा प्रभाव छोड़ा। असम के डिब्रूगढ़ स्थित मनोहारी टी एस्टेट से ”भारत तीर्थ दर्शन यात्रा” के तहत 30 कर्मयोगियों का दल रविवार भोर में कारसेवक पुरम पहुंचा।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में बागान कर्मियों से संवाद के दौरान उनके सीमित बाहरी अनुभव को देखते हुए उन्हें देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की प्रेरणा दी थी। इसी क्रम में एस्टेट प्रबंधन और अशोक सिंघल फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से इस तीर्थ यात्रा का आयोजन किया।

स्नान के बाद कर्मयोगियों ने मां सरयू के तट पर श्रद्धा अर्पित की और नागेश्वर नाथ मंदिर के दर्शन के बाद राम की पैड़ी पर पहुंचकर वहां के मनमोहक दृश्य का आनंद लिया।

दल ने हनुमानगढ़ी, दशरथ महल और कनक भवन के दर्शन करते हुए गहरी आस्था का अनुभव किया। जब दल राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचा, तो मंदिर की भव्यता और कलात्मकता देखकर सभी भाव-विह्वल हो उठे। इस अवसर पर राम मंदिर ट्रस्ट के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि असम के चाय बागान के 600 कर्मियों को अयोध्या आना है। अभी पहला दल आया है, लगातार यह दल आता रहेगा। यह दल अयोध्या से वाराणसी और सोमनाथ जाएगा। इस दौरान सुबोध मिश्र, शरद शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

कर्मयोगियों के सम्मान में सहभोज का आयोजन
– कई कर्मयोगियों के लिए यह क्षण अविस्मरणीय रहा, उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि वे इतने विशाल और दिव्य मंदिर के साक्षात सानिध्य में खड़े हैं। अंगद टीला परिसर से होते हुए दल सीता रसोई पहुंचा, जहां उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सभी कर्मयोगियों के सम्मान में सहभोज का आयोजन किया गया। अंत में रामनामी ओढ़ाकर सभी का सम्मान किया गया और प्रसाद भेंट किया गया।

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कर्मयोगी बोले-आज तक नहीं मिला ऐसा सम्मान
– रूपम गोगोई (दल प्रमुख) ने कहा कि हम पहली बार अपने चाय बागान से बाहर निकले हैं। अयोध्या आकर जो सम्मान और अपनापन मिला, वैसा आज तक कहीं नहीं मिला। यह यात्रा हमारे जीवन की सबसे बड़ी याद बन गई है। अजित मुरा ने भावुक होकर कहा कि रामलला के दर्शन करना हमारे लिए सपना था, जो आज पूरा हुआ। यहां का वातावरण, मंदिरों की भव्यता और लोगों का स्नेह दिल छू गया। बसू नायक बोले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की भव्यता देखकर हम सभी अभिभूत रह गए। ऐसा लगा जैसे किसी दूसरे ही दुनिया में आ गए हों। यहां का अनुभव जीवनभर साथ रहेगा।

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