हरिद्वार कुंभ- स्नान पर्वों की भीड़ ने कुंभ की तैयारियों की दिखाई हकीकत, यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े

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हाल ही में हुए दो बड़े स्नान पर्वों पर उमड़ी भीड़ ने शहर के यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन आयोजनों ने मेला प्रशासन को कुंभ 2027 के लिए यातायात चुनौतियों के प्रबंधन की सीख दी है। बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व और उसके बाद के वीकेंड शनिवार और रविवार को उमड़ी भीड़ से सबक लेने की जरूरत है।

प्रमुख रूप से जहां समस्याएं दिखीं उनमें चंडी घाट पर बने डबल लेन पुल के कारण सारा यातायात दबाव चंडीघाट चौक पर केंद्रित हो गया। इससे देहरादून, हरिद्वार शहर या दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए विशेष इंतजाम की आवश्यकता महसूस हुई।

श्यामपुर चीला रेंज को जाने वाले वाहनों को भी भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।श्यामपुर-नजीबाबाद की तरफ से आने वाले वाहन सीधे चीला रेंज में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। ज्वालापुर से रायवाला तक फ्लाईओवर के सर्विस लेन की हालत भी जाम से भरी रही। स्पष्ट संकेतक न होना और फ्लाईओवर के नीचे सर्विस लेन पर अतिक्रमण का दबाव जाम का मुख्य कारण बना। यातायात प्रबंधन और रूट डायवर्जन के बावजूद यह स्थिति बनी रही। इन अनुभवों से भविष्य की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण सबक मिले हैं, जिन पर ध्यान देना आवश्यक है। 

प्रमुख यातायात बाधाएं

चंडी घाट चौक पर वाहनों का अत्यधिक दबाव देखा गया। चंडी घाट का दूसरा पुल बनने से यह समस्या और बढ़ गई। बावजूद इसके कि आने वाले वाहनों के दबाव का प्रबंधन चौक पर नहीं किया गया। इस चौक पर अस्थायी तौर पर टैक्सी वाहनों के खड़े होने और फ्लाईओवर के नीचे अनावश्यक निर्माण व रेहड़ी-ठेली का दबाव समस्या अधिक बढ़ा रहा है।

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श्यामपुर चीला रेंज की ओर जाने वाले मार्ग पर भी कठिनाइयां आईं। श्यामपुर-नजीबाबाद से आने वाले वाहनों को चीला रेंज तक पहुंचने में परेशानी हुई। इन वाहनों को पहले चंडी चौक पर आना पड़ रहा है फिर दूसरे पुल होकर वहीं वापस चंडीघाट पुलिस चौकी से चीला रेंज की ओर जाने की बाध्यता है।

 

ज्वालापुर से रायवाला तक फ्लाईओवर की सर्विस लेन पर भी लगातार जाम की चपेट में है। शहर से निकला कोई भी वाहन हाईवे के फ्लाईओवर पर पहुंचने के लिए सर्विस मार्ग का प्रयोग कर रहा है, इस पर अवैध रूप से खड़े टैम्पू, टैक्सी और ई रिक्शा के अलावा सवारियां भरते परिवहन निगम के बस जाम का कारण बन रहे हैं।

भविष्य की चुनौतियां और समाधान

इन स्नान पर्वों ने कुंभ 2027 के लिए यातायात प्रबंधन की बड़ी तस्वीर पेश की है। मेला प्रशासन को चंडीघाट चौक पर वाहनों के सुचारु आवागमन के लिए विस्तृत योजना बनानी होगी। स्पष्ट संकेतक लगाने और सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है। भविष्य में भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी रूट डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों पर विचार करना होगा। इन अनुभवों से सीख लेकर कुंभ 2027 की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।


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